ओखलकांडा ब्लाक के खनस्यू क्षेत्र में स्थित बैंक में कैशियर के रूप में कार्यरत एक युवक ने मंगलवार सुबह अपने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। पंचनामे के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए नैनीताल भेजा जा रहा है। मौत के कारणों का खुलासा नहीं हुआ है।
मूल रूप से बागेश्वर जिले के ग्राम दुदिला पोस्ट गरूड़भेटा निवासी दिनेश चंद्र (27) पुत्र आनंद प्रसाद चार-पांच साल से खनस्यू स्थित नैनीताल डिस्ट्रिक्ट कोआपरेटिव बैंक की शाखा में कैशियर के रूप में कार्यरत था। सोमवार रात वह अपने कुछ दोस्तों के साथ रहा और मंगलवार सुबह करीब साढ़े छह बजे अपने कमरे में पहुंचा। इस दौरान आसपास के ग्रामीणों से उसने अभिवादन कर बातचीत भी की और इसके बाद कमरे में चला गया। दिनेश चंद्र खनस्यू में खड़क सिंह के मकान में बतौर किराएदार रहता था।
बताया जाता है कि जब दिनेश काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं निकला तो आसपास के लोगों ने खिड़की से भीतर झांका, कमरे के भीतर वह फांसी पर लटका मिला। घटना की सूचना राजस्व पुलिस को दी गई। सूचना पर तहसीलदार दामोदर पांडे, कानूनगो गोपाल राम, पटवारी लोकमणि आर्या एवं कैलाश चंद्र मौके पर पहुंचे। राजस्व पुलिस की मौजूदगी में छत के कुंडे में लटके शव को नीचे उतारा गया।
सूचना पर दोपहर बाद दिनेश के माता-पिता एवं भाई मौके पर पहुंचे। पूछताछ के दौरान परिजनों ने राजस्व पुलिस को बताया कि दिनेश की पत्नी अपने दो जुड़वा बच्चों के साथ ऋषिकेश स्थित अपने मायके में रहती है। तहसीलदार दामोदर पांडे ने बताया कि कमरे से सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिस कारण आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। उन्होंने बताया कि शव को बुधवार को पोस्टमार्टम के लिए नैनीताल भेजा जाएगा।
बेटे का शव देख बेसुध हुई मां
मंगलवार दोपहर में दिनेश के परिजन जब खनस्यू पहुंचे तो जवान बेटे का शव देख माता-पिता और अन्य परिजन सन्न रह गए। मां फूट-फूट कर रोती हुई बेसुध हो गई। पिता आनंद प्रसाद एवं परिजनों ने किसी तरह उन्हें ढांढस बंधाया।
कुछ दिनों से तनाव में था दिनेश
दिनेश चंद्र पिछले कुछ दिनों से तनाव में था। बैंक कर्मियों से हुई पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई है। बताया जाता है कि स्वभाव से सरल दिनेश ने किसी से कभी अपने तनाव के बारे में कोई बातचीत की। मंगलवार सुबह जब वह दोस्त के कमरे से अपने कमरे में आया तब भी वह आसपास के कुछ लोगों से मिला और उनसे बातचीत की, लेकिन आसपास के लोगों को कहीं से भी इस बात का अहसास नहीं हुआ कि कुछ ही देर में वह आत्महत्या कर लेगा।