गुरुवार रात के आंधी और तूफान से हल्द्वानी एवं आसपास इलाकों में कई मकानों में नुकसान हुआ है। तूफान में कई कच्चे, पक्के मकानों की छतें टूट गई और गौशालाओं की छतें उड़ी गई। राजस्व विभाग ने नुकसान का आंकलन के लिए सर्वे शुरू कर दिया है। वन एवं नजूल भूमि पर काबिज अतिक्रमणकारियों को क्षतिग्रस्त मकानों का मुआवजा नहीं मिलेगा।
आंधी और तूफान से बागवानी, फसलों को जबर्दस्त नुकसान हुआ है। आंधी की चपेट में आने से नैनीताल जिले में दर्जनों मकानों में दरारें और छतें टूट गई। जिलाधिकारी दीपक रावत के आदेश पर सभी एसडीएम ने अपने अपने इलाकों में राजस्व विभाग से नुकसान का सर्वे शुरू करा दिया है। हल्द्वानी एसडीएम पंकज उपाध्याय के मुताबिक लालकुआं, बिंदुखत्ता, हल्दूचौड़, चोरगलिया, गौलापार और फुटकुआं में सर्वाधिक नुकसान हुआ है। पटवारियों ने आवासीय कच्चे और पक्के मकानों के अलावा पशुओं की गौशाला के नुकसान की रिपोर्ट बनानी शुरू कर दी है। रविवार को टीमें लगी रही।
एसडीएम ने बताया कि वन और सरकारी भूमि पर काबिज अतिक्रमणकारियों को मुआवजा नहीं दिया जाएगा। हालांकि, सर्वे अतिक्रमणकारियों के मकानों और गौशालाओं में हुए नुकसान का भी किया जा रहा है। एसडीएम के मुताबिक सर्वे रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी। इसके बाद ही नुकसान के आधार पर पात्र लोगों को मुआवजा वितरण किया जाएगा।