शहर के मुख्य चौराहे पर फेंका गया कूड़ा
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काशीपुर के नगर निगम की लापरवाही के चलते दीपावली के दिन शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई। नगर निगम के पिछले बोर्ड द्वारा 20 वर्ष के लिए कूड़ा कलेक्शन का ठेका दी गई कंपनी को निगम द्वारा तीन दिन पूर्व ही भुगतान कर दिया गया था, इसके बावजूद कंपनी ने पर्यावरण मित्रों के खातों में उनका वेतन नहीं डाला।
वेतन न मिलने से आक्रोशित पर्यावरण मित्रों ने दीपावली के दिन सुबह ही नगर के मुख्य चौराहे महाराणा प्रताप चौक पर कूड़ा डालकर अपना विरोध प्रदर्शन किया। इससे मुख्य चौराहे पर गंदगी फैल गई और आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सबसे बड़े पर्व पर शहर के मुख्य चौराहे पर इस तरह कूड़ा फेंका जाना नगर निगम की कार्यप्रणाली और ठेकेदार कंपनी पर निगरानी की पोल खोलता है। निगम ने कंपनी को भुगतान तो कर दिया, लेकिन यह सुनिश्चित नहीं किया कि कर्मचारियों को उनका मेहनताना समय पर मिले या नहीं। निगम की इसी लापरवाही के कारण त्योहार के दिन शहर को शर्मिंदगी झेलनी पड़ी।
महापौर दीपक बाली ने दोपहर 2 बजे तक 10-10 हजार देने के निर्देश, ठेका निरस्त करने की चेतावनी
महाराणा प्रताप चौक पर पर्यावरण मित्रों द्वारा कूड़ा डालकर विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही महापौर दीपक बाली तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने मौके पर ही ठेकेदार कंपनी के अधिकारियों से बात की और आज दोपहर 2 बजे तक सभी सफाई कर्मचारियों के खातों में 10-10 हजार रुपये डालने के सख्त निर्देश दिए।
महापौर ने पर्यावरण मित्रों से कहा कि आपकी मांग और विरोध सही है, लेकिन यह शहर आपका और हम सबका अपना है और सनातन समाज के इस सबसे बड़े पर्व पर साफ-सफाई रखी जाए। महापौर की बात मानते हुए पर्यावरण मित्रों ने तुरंत डाले गए कूड़े को उठाना शुरू कर दिया और दोबारा काम पर लौट आए।
महापौर दीपक बाली ने कहा कि निगम की ओर से तीन दिन पूर्व कंपनी को भुगतान किया जा चुका है, लेकिन कंपनी ने कर्मचारियों को भुगतान नहीं किया। यह बहुत ही गंभीर मामला है। कहा कि कंपनी की कार्यप्रणाली की समीक्षा कर जरूरत पड़ने पर उसका ठेका निरस्त कर दोबारा निविदा की जाएगी और सफाई व्यवस्था का ठेका नई कंपनी को दिया जाएगा।