निशीथ और महानिशीथ काल में साधना का विशेष महत्व
दीपावली की रात निशीथ काल और महानिशीथ काल का भी विशेष धार्मिक महत्व है। बताया गया है कि सिंह लग्न रात 12:25 बजे से 2:42 बजे तक रहेगा। इस समय को लक्ष्मी साधना और श्री यंत्र पूजन के लिए उपयुक्त माना जाता है। वहीं, मंत्र जाप और विशेष साधना के लिए महानिशीथ काल रात 11:39 बजे से देर रात 12:31 बजे तक रहेगा। इसके अलावा निशा पूजा, काली पूजा और विशेष तांत्रिक साधनाओं के लिए रात 1:37 बजे से 3:15 बजे तक का समय शुभ बताया गया है।
स्थिर लग्न में पूजन से बरकत की मान्यता
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, दीपावली पर स्थिर लग्न में मां महालक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर देव का पूजन करना विशेष शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इससे घर में धन-धान्य, बरकत और सुख-समृद्धि बनी रहती है। इसी कारण दीपावली पर श्रद्धालु प्रदोष काल में दीप प्रज्वलित कर विधि-विधान से लक्ष्मी-गणेश की पूजा करते हैं और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।
दीपावली 2026 के प्रमुख पूजा मुहूर्त
- प्रदोष काल: शाम 5:31 से रात 8:09 बजे तक
- लक्ष्मी-गणेश पूजन: शाम 5:54 से रात 7:50 बजे तक
- कुंभ लग्न (व्यापारिक पूजन): दोपहर 1:27 से 2:54 बजे तक
- सिंह लग्न: रात 12:25 से 2:42 बजे तक
- महानिशीथ काल: रात 11:39 से 12:31 बजे तक
- निशा पूजा एवं काली पूजा: रात 1:37 से 3:15 बजे तक