कैलास मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले प्रत्येक दल के सदस्य दिल्ली में मेडिकल परीक्षण के बाद बीमित कर लिए जाते हैं। इसके अलावा कैलास यात्रियों को लेकर आने वाले और पड़ावों पर यात्रियों के ठहरने, भोजन आदि की व्यवस्था में लगे कर्मचारियों को भी बीमित कर लिया जाता है। प्रत्येक यात्री और कर्मचारी का पांच-पांच लाख रुपये का बीमा होता है।
कैलास मानसरोवर यात्रा करने वाले यात्री को कम से कम एक लाख रुपये की व्यवस्था करनी होती है। इतनी राशि तो उसे केवल यात्रा के लिए चयनित होने पर ही खर्च करनी पड़ती है। इसके अलावा यात्री विभिन्न स्थलों की कोई यादें अपने साथ समेटना चाहे तो उसके लिए अलग से खर्च की व्यवस्था करनी पड़ती है। कुमाऊं मंडल विकास निगम के मंडलीय प्रबंधक (पर्यटन) डीके शर्मा के मुताबिक कैलास यात्रा के लिए चयनित होने वाले यात्री से 35 हजार रुपये कुमाऊं मंडल विकास निगम और 901 डालर जो कि भारतीय मुद्रा के हिसाब से करीब 60 हजार रुपये होती है, इतनी रकम सरकारी कोष में जमा करनी पड़ती है।
इसके अलावा बीजा, पासपोर्ट आदि की व्यवस्था स्वयं यात्री को करनी होती है। उन्होंने बताया कि कैलास यात्रा की ड्यूटी में लगे कुमाऊं मंडल विकास के कर्मचारी दिल्ली से लिपुपास तक यात्रियों के साथ गाइड के तौर पर रहते हैं। उनका भी पांच-पांच लाख रुपये का बीमा किया जाता है। उन्होंने बताया कि हर दल के यात्री का यात्रा शुरू होने से एक दिन पहले बीमा कर लिया जाता है।