कैलास मानसरोवर यात्रियों को वापसी में भगवान शंकर के 12 ज्योर्तिलिंगों में से एक जागेश्वर धाम के दर्शन कराने के साथ ही भीमताल में पद्मश्री यशोधर मठपाल के कई पांडुलिपियों को समेटे ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के संग्रहालय के दीदार भी कराए जाएंगे। कुमाऊं मंडल विकास निगम ने यात्रा का पूरा शेड्यूल तय कर लिया है।
कुमाऊं मंडल विकास निगम ने सभी यात्री पड़ावों में खाद्य सामग्री, अत्याधुनिक लीनेन (आरामदायक बिस्तर इत्यादि) पहुंचा दिए हैं। सभी पड़ावों की सूचना रेकी टीम द्वारा बराबर दी जा रही है। पिथौरागढ़ मुख्यालय में वायरलेस टीम 24 घंटे यात्रा की गतिविधियों की जानकारी केएमवीएन, जिला प्रशासन और विदेश मंत्रालय को देने के लिए चौकस कर दी गई है। बिजली, पानी, बीआरओ, लोनिवि, परिवहन समेत सभी विभागों के अधिकारियों को हर वक्त अलर्ट रहने के निर्देश जारी हो चुके हैं।
इस बार कैलास यात्रियों को वापसी में जागेश्वर धाम के दर्शन कराने के साथ ही भीमताल में पद्मश्री यशोधर मठपाल के संग्रहालय का भी भ्रमण कराया जाएगा। इस दौरान संग्रहालय में रखी ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व की वस्तुओं की जानकारी दी जाएगी। पिछले साल तक यात्रियों को पाताल भुवनेश्वर गुफा के दर्शन भी कराए जाते थे, लेकिन यह स्थल यात्रा मार्ग से अलग हटकर होने के कारण इसमें अधिक समय लगता है, जिस वजह से इस यात्रा मार्ग के शेड्यूल में पाताल भुवनेश्वर को शामिल नहीं किया गया है।
सुसज्जित हुए कैलास यात्रा के पड़ाव
कुमाऊं मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक धीराज गर्ब्याल ने बताया कि कैलास यात्रा के सभी पड़ावों में अत्याधुनिक सुविधाओं युक्त एफआरपी (फेब्रिकेटेड पालिमर्स हट्स) लगाए जा रहे हैं। इनमें बर्फ कतई नहीं टिकती है। बर्फीले इलाकों में हट्स के भीतर ठंड महसूस नहीं होती। हट्स के भीतर ही शौचालय आदि सभी सुविधाएं हैं। एक हट में छह यात्री ठहराए जाएंगे। पड़ावों में उपलब्ध जगह के हिसाब से 5 से 10 तक हट्स बनाए जाएंगे। सभी पड़ावों को नवीनीकृत कर दिया गया है।