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एनएसयूआई के हर्षित जोशी के चुनाव लड़ने पर संशय

Wed, 28 Sep 2016 02:01 AM IST
नवीन सक्सेना
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एमबीपीजी कॉलेज छात्रसंघ चुनाव की घोषणा के साथ ही एनएसयूआई से अध्यक्ष पद प्रत्याशी हर्षित जोशी के चुनाव लड़ने पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। इसकी मुख्य वजह सेमेस्टर की स्पेशल बैक परीक्षा होने में करीब एक माह का समय माना जा रहा है।
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निर्धारित अवधि से पहले कुमाऊं विश्वविद्यालय स्पेशल बैक की सेमेस्टर परीक्षाएं नहीं करा सकता। यही नियम हर्षित जोशी के प्रत्याशी बनने में रोड़ा बन सकता है।

लिंगदोह समिति की सिफारिशों के मुताबिक छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए वही छात्र प्रत्याशी बन सकता है जो पिछले साल की परीक्षा में उत्तीर्ण और चुनाव के समय कॉलेज का रेगुलर छात्र हो। इन्हीं नियमों में एनएसयूआई के प्रत्याशी हर्षित जोशी फंस रहे हैं।
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हर्षित जोशी एमबीपीजी कॉलेज में एमकॉम का रेगुलर छात्र रहा है। एमकॉम तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा में एक पेपर नहीं दे पाने से वह अनुत्तीर्ण है और रिजल्ट में बैक है। हर्षित ने एमकॉम के चतुर्थ सेमेस्टर में प्रोवीजनल एडमीशन लेकर परीक्षाएं भी दी हैं। एमकॉम चतुर्थ सेमेस्टर का रिजल्ट चार दिन पहले ही घोषित हुआ है।

लिंगदोह समिति की सिफारिशों को पूरा करने की बाध्यता के चलते हर्षित जोशी ने नये शिक्षा सत्र में कॉलेज का रेगुलर छात्र होने के लिए अब एमए योगा पीजी डिप्लोमा में एडमीशन भी लिया है। कुमाऊं विवि के कुलपति प्रो. एचएस धामी और परीक्षा नियंत्रक डॉ. रजनीश पांडेय ने आर्डिनेंस (अध्यादेश) का हवाला दे दिया कि स्पेशल बैक परीक्षा का आवेदन फार्म भरने के लिए कम से कम एक माह का समय देना अनिवार्य है।

चतुर्थ एवं द्वितीय सेमेस्टर के रिजल्ट अभी आ रहे हैं, इसलिए 22 अक्तूबर से पहले किसी भी हाल में स्पेशल बैक का पेपर नहीं हो पाएगा। इस परीक्षा में किसी भी सेमेस्टर के विद्यार्थी बैक के पेपर दे सकते हैं।

यह बात अलग है कि स्पेशल बैक की परीक्षा के अगले दिन ही विशेष रूप से रिजल्ट घोषित करने का अधिकार विश्वविद्यालय को है। एनएसयूआई इसीलिए 27 अक्तूबर को छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग कर रही है।

चीफ प्राक्टर डॉ. आरएस भाकुनी एवं छात्रसंघ चुनाव प्रभारी डॉ. डीसी पंत कहते हैं कि स्पेशल बैक परीक्षा होने में समय लगेगा, इसलिए चुनाव आगे नहीं बढ़ाया जा सकता।
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