हल्द्वानी। बांड भरकर सस्ती पढ़ाई करने के बाद शर्त तोड़ने वाले 290 डॉक्टरों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। उन्हें 15 दिन के भीतर धनराशि जमा करनी होगी या तैनाती स्थल पर अपनी सेवाएं देनी होंगी। ज्वाइनिंग करने की स्थिति में स्वास्थ्य महानिदेशक को सूचना देनी होगी। अवधि पूरी होने के बाद आदेश न मानने वालों के खिलाफ आरसी जारी होगी।
वर्ष 2007 से 2019 तक एमबीबीएस की पढ़ाई के दौरान लोगों ने बांड भरे थे। बांड की शर्तों के अनुसार एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद पर्वतीय क्षेत्रों में सेवा देनी थी। वर्ष 2014 से 2019 तक पीजी के छात्रों को भी बांड भरने पर फीस में राहत दी गई थी। पीजी के एक छात्र से एक वर्ष का चार लाख चालीस हजार रुपये मय ब्याज के साथ वसूला जाना है।
एमबीबीएस के छात्रों से 18 लाख से 30 लाख रुपये तक वसूले जाने हैं। 18 लाख रुपये वाले छात्रों से भी ब्याज लिया जाना है। अमर उजाला ने 21 अप्रैल के संस्करण में 348 डॉक्टरों से वसूली जाएगी बांड की रकम शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। संयुक्त निदेशक चिकित्सा-शिक्षा और राजकीय मेडिकल कालेज हल्द्वानी के प्राचार्य ने नोटिस जारी करने की बात कही थी। सोमवार को 290 डॉक्टरों को नोटिस जारी कर दिए गए। इसमें एमबीबीएस के 237 और पीजी के 53 डॉक्टर शामिल हैं।
बांड तोड़ने वाले एमबीबीएस और पीजी छात्रों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में अगर आदेश का अनुपालन नहीं करेंगे तो जिला प्रशासन के सहयोग से आरसी जारी की जाएगी। साथ ही प्राथमिकी भी दर्ज कराई जा सकती है। प्रशासन के सहयोग से वसूली होगी।
-डॉ. सीपी भैसोड़ा प्राचार्य राजकीय मेडिकल कालेज
चार मई तक छोड़ सकते हैं पीजी की सीट
ऑल इंडिया कोटे की पीजी की 18 सीटों में से 7 पर छात्र-छात्राओं ने दाखिला लिया है। चार मई तक छात्र-छात्राएं अपनी सीट छोड़ सकते हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के स्टेट कोटे की 16 सीटें हैं। हल्द्वानी समेत राज्य के अन्य मेडिकल कॉलेज के लिए 454 लोगों ने आवेदन किया है। प्रक्रिया 25 अप्रैल को पूरी हो चुकी है। आवेदन करने वाले छात्र-छात्राओं अपनी पसंद का मेडिकल कॉलेज के लिए आवेदन कर सकते हैं। मई के प्रथम सप्ताह में सीटों का एलाटमेंट शुरू होगा। एक वर्ष से लेकर तीन वर्ष तक जिन डाक्टरों ने अपनी सेवाएं दी होंगी उनको प्रतिवर्ष के हिसाब से दस प्रतिशत अतिरिक्त अंक मिलेंगे।