जलसंस्थान के कर्मचारियों की जिद का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। जलसंस्थान कर्मियों की हड़ताल को लेकर उच्चाधिकारी कतई गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। इस कारण आम लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता पर कई संगीन आरोप लगाते हुए जलसंस्थान के कर्मचारी तीन दिनों से आंदोलित हैं। हालांकि अपने पत्रों के जरिए ईई पर संगीन आरोप लगाने वाले कर्मचारी नेता अधीक्षण अभियंता एएस अंसारी के समक्ष हुई वार्ता में कोई भी ठोस प्रमाण पेश नहीं कर सके। सभी सिर्फ एक ही रट लगाए रहे कि ऐसे ईई के अधीन काम नहीं करेंगे।
वहीं, जहां तक जलसंस्थान के ईई का सवाल है उन्होंने कार्यभार संभालने के बाद जनहित में कई सकारात्मक कदम उठाए हैं। पूरे डिवीजन के बिल जमा कराने का जिम्मा मुख्यालय के दफ्तर पर था। उसे उन्होंने चार भागों में बांट कर जनता की मुश्किलों को कम किया है। शीशमहल और मुखानी में बिलिंग काउंटर के अलावा दो बिलिंग काउंटर मुख्यालय के दफ्तर में बनाए गए हैं।
दफ्तर में कामकाज को ढर्रे पर लाने के अभिनव प्रयोग किए गए हैं। आम जनता में ईई के प्रति बेहद विश्वास बना है। ईई ने अवैध कनेक्शनों, गलत तरीके से आवंटित होने वाले कनेक्शनों पर रोक लगा दी। इधर, कर्मियों की हड़ताल का खामियाजा क्षेत्र में पेयजल प्रभावित इलाकों के लोग भुगत रहे हैं।
कई पेयजल लाइनें स्वीकृत हैं, लेकिन कामकाज ठप होने से कोई काम नहीं हो रहा है। इधर, एसई ने कहा कि कर्मचारी ईई पर लगाए गए आरोपों का कोई ठोस सबूत नहीं दे सके। शुक्रवार को फिर वार्ता होगी और मामला सुलझा लिया जाएगा।