लापता वन वाचर की बरामदगी न होने से खफा ग्रामीणों ने शनिवार को झिरना और ढेला गेट बंद करा दिया, जिससे 81 जिप्सियां पार्क में प्रवेश नहीं कर सकीं। इससे खिन्न पर्यटक पार्क अफसरों के आवासों पर आ धमके। तब कुछ पर्यटकों को बिजरानी जोन में प्रवेश दिलाया गया, अन्य का पैसा वापस कर दिया गया।
झिरना गेट पर हुई सभा के दौरान ग्रामीणों ने कार्बेट टाइगर रिजर्व के अफसरों पर उदासीनता का आरोप लगाया। कहा 11 मार्च को वाचर गणेश लाल को ड्यूटी के लिये कालागढ़ बुलाया गया। 12 मार्च को सीटीआर कर्मियों ने उसके लापता होने की सूचना दी। ढूंढखोज में कालागढ़ जलाशय के किनारे गणेश का मोबाइल, कपड़े, चप्पल मिले थे, लेकिन आज तक उसका पता नही चल सका है। आरोप लगाया कि पूरे प्रकरण में कार्बेट प्रशासन की भूमिका संदिग्ध बनी है, अधिकारी परिजनों को दिलासा देने भी नहीं पहुंचे। गुस्साए ग्रामीणों ने झिरना और ढेला गेट बंद कर दिया और पर्यटकों को अंदर नहीं जाने दिया।
इससे गुस्साए पर्यटक पार्क डायरेक्टर समीर सिन्हा, उप निदेशक डा. साकेत बडोला के आवास पर पहुंच गए। अफसरों के नहीं मिलने पर वे झिरना, ढेला की बुकिंग जिप्सियां लेकर बिजरानी जोन में प्रवेश देने की जिद पर अड़ गए। काफी जद्दोजहद के बाद 35 पर्यटकों को बिजरानी जोन में प्रवेश दिलाया गया, जबकि अन्य का शुल्क वापस कर दिया गया।
ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर गणेश लाल के लापता होने के मामले में एसडीओ और अन्य अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका की सीबीसीआईडी जांच कराने, जांच का कार्य पूरा होने तक गणेश के परिजनों को भरण पोषण के लिए प्रतिमाह तनख्वाह देने की मांग की।
पार्क निदेशक समीर सिन्हा ने पत्रकारों से वार्ता में कहा कि यदि मांगें मनवाने के लिए सीटीआर जोनों को रोज-रोज बंद किया जाएगा तो पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए जोन बंद कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा देश-विदेश के पर्यटक सीटीआर में भ्रमण के लिए आते हैं, लेकिन आए दिन के आंदोलन से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और सीटीआर की छवि धूमिल होती है। बोले, जिन लोगों ने पर्यटकों को उकसाकर अफसरों के आवास पर भेजा और बिजरानी गेट पर टैक्सी लगाईं, उन्हें चिंह्ति किया जा रहा है। श्री सिन्हा ने कहा कि वन वाचर के लापता होने के मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है, क्योकि गणेश लाल हमारे परिवार का एक सदस्य है। ग्रामीणों की मांग पर जांच भी कराई जाएगी, इस संदर्भ में वन मंत्री से भी वार्ता की गई है।
इस दौरान क्षेत्र पंचायत सदस्य त्रिलोक सिंह, ग्राम प्रधान माया देवी, ललित
उप्रेती, सुंदरलाल, डा. धनेश्वरी घिल्डियाल, नरेंद्र कुमार आर्या, सुरेश
चंद्र, नंदलाल, डूंगर राम, मुनीष कुमार, महेश चंद्र, राजेंद्र प्रसाद,
जसपाल राम, रमेश राम, माधोराम, धारा बल्लभ, मनमोहन सिंह बिष्ट आदि थे।