जिम कार्बेट की राइफल की एक डमी जल्द ही कार्बेट पार्क को बनाकर दी जाएगी। यह राइफल कार्बेट की धरोहर है, जिसका व्यवसायीकरण नहीं किया जाएगा। यह बात इंग्लैंड की शस्त्र निर्माता कंपनी जोन रिग्बी एंड संस के मालिक मार्क न्यूटन ने कही।
नगर पालिका ऑडिटोरियम में कार्बेट टाइगर रिजर्व और उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के बैनर तले विदेशी मेहमानों और राइफल का जोरदार स्वागत हुआ। इंग्लैंड से आए मार्क न्यूटन ने बताया कि वह यहां जिम कार्बेट की भावनाओं को सहेजे हुए उनके क्षेत्र में तीर्थ यात्रा के रूप में आए हैं।
कहा कि जिम कार्बेट के बारे में उन्होंने 10 वर्ष की आयु में पढ़ा था, आज उसे बहुत नजदीक से समझा और जाना है। मार्क न्यूटन ने पार्क के निदेशक को कंपनी की तरफ से एक गाड़ी और कार्बेट की लिखी पुस्तकों का एक सेट भेंट किया। उन्होंने कहा कि जल्द ही वह अपनी कंपनी की ओर से जिम कार्बेट की राइफल की डमी बनाकर कार्बेट पार्क प्रशासन को देंगे। उस राइफल का यूज कभी नहीं किया जाएगा।
इस दौरान पार्क निदेशक समीर सिन्हा, तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ डॉ. सीके कविदयाल, डीएसबी कैंपस के पूर्व निदेशक डॉ. एचबी त्रिपाठी, पार्क वार्डन शिवराज चंद, आहाना के एमडी कमल त्रिपाठी, राजेंद्र लार्ड, मथुरा सिंह मवाड़ी, आयु त्रिपाठी, ललित कुमार, शेखर तिवाड़ी, आनंद सिंह रावत, ललित मोहन बिट, देवेंद्र रजवार समेत वन्यजीव प्रेमी, गाइड, जिप्सी चालक के साथ ही पत्रकार यूनियन के सदस्य व वन विभाग का स्टाफ मौजूद था।