इसे व्यवस्था का नकारापन ही कहेंगे कि 25 सितंबर को वीरभट्टी पुल पर गैस वाहन हादसे के बाद से बंद ज्योलीकोट-भवाली राष्ट्रीय राजमार्ग को शासन-प्रशासन भूल गया है।
क्षतिग्रस्त पुल की जांच करने के लिए न तो अब तक रुड़की के इंजीनियरों की टीम आई है और न ही प्रशासन ने मरम्मत का कोई काम कराया है। उधर, मार्ग बंद होने से दर्जनभर गांवों का संपर्क टूटा हुआ है। नौकरीपेशा, स्कूली बच्चों और दुकानदारों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बीते सोमवार की दोपहर वीरभट्टी पुल पर गैस सिलेंडरों से भरे ट्रक में भीषण आग लग गई थी। एक के बाद एक 80 सिलेंडरों के विस्फोट के साथ फटने से पुल को क्षति पहुंची थी। इसलिए एहतियातन ज्योलीकोट-कर्णप्रयाग एनएच बंद कर दिया गया था।
तब कहा गया था कि जल्द ही रुड़की के इंजीनियरों की टीम से जांच कराने के बाद मरम्मत कर इसे खोल दिया जाएगा। लेकिन तब से शासन-प्रशासन का कोई अधिकारी उस तरफ झांकने भी नहीं गया है। जलते हुए सिलेंडरों को भी लावारिस हाल में छोड़ दिया था, जिन्हें अमर उजाला में खबर छपने के बाद हटाया गया।
उधर मार्ग बंद होने से चार ग्रामसभाओं के दर्जन भर गांवों का दुनिया से संपर्क कटा हुआ है। काश्तकार, दुग्ध उत्पादक अपने उत्पाद को बाजार तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं वहीं विद्यार्थी, नौकरीपेशा लोग विषम परिस्थिति में अपने स्थलों तक पहुंच पा रहे हैं।
स्थानीय निवासी विजय रोतेला, इंदर नेगी, कैलाश सिंह, मुनीर अहमद, कुंदन सिंह, हरगोविंद रावत, पुष्कर जोशी आदि ने मार्ग शीघ्र न खोले जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
इंजीनियरों का किया जा रहा इंतजार
एनएच के ईई महेंद्र कुमार ने कहा कि रुड़की आईआईटी के इंजीनियरों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। लेकिन विशेषज्ञों के अन्यत्र व्यस्त होने के कारण उक्त दल नहीं आ पा रहा है। सोमवार तक उनके पहुंचने की उम्मीद है। विभाग मार्ग को शीघ्र खोलने के पूरे प्रयास कर रहा है।
सड़क बंद होने से दीपावली की तैयारियां भी अटकीं
दीपावली का त्यौहार नजदीक है। इससे लोगों के साथ माल ढुलान वाहनों की आवाजाही भी बढ़ गई है। उक्त मार्ग बंद होने से भीमताल मार्ग पर यातायात का दबाव बढ़ गया है। मार्ग की क्षमता के विपरीत वाहनों की भीड़ से ज्यादा समय लग रहा है।
वहीं ग्रामसभा बेलुवाखान, गेठिया, भुमियाधार के दर्जनों तोकों और गांवों के लोग दीपावली की तैयारी भी नहीं कर पा रहे हैं। इसी मार्ग पर स्थित गेठिया और भवाली सेनिटोरियम के कर्मचारियों और भर्ती मरीजों को दिक्कतें आ रही हैं।