हल्द्वानी। वन महकमा पहली अक्तूबर से वन्य जीव सप्ताह मना रहा है। इसके तहत जनता को बताया जाएगा कि जंगल और वन्य जीव इंसान के दोस्त हैं दुश्मन नहीं। इनका जैव विविधता, इंसानी जिंदगी, पर्यावरण में योगदान के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। विभागीय अधिकारियों व कर्मियों की भी जंगलों में लंबी दूरी की गश्त वगैरह कसरत कराई जाएगी।
सात अक्तूबर तक मनाए जाने वाले सप्ताह में वन अधिकारी जंगल से सटे गांवों में जागरूकता रैली, गोष्ठियां, कार्यशाला, पोस्टर, पेंटिंग, बैनर, स्लोगन, वाद विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इनके जरिए जनता को जंगल के कटान से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान जैसे वैश्विक तापमान, अति वृष्टि, सूखा, भूमिगत जल स्तर का कम होना, मिट्टी की उर्वरा शक्ति को नुकसान, पेड़ों के कम होने से ओजोन परत के छेद बढ़ने से पराबैंगनी किरणों के दुष्प्रभाव आदि की जानकारियां देंगे। वहीं जानवरों के शिकार से होने बिगड़ने वाले जैव संतुलन की जानकारी दी जाएगी। पश्चिमी वन वृत्त के संरक्षक डॉ. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि वन्य जीव सप्ताह में तराई पूर्वी, हल्द्वानी, तराई केंद्रीय, तराई पश्चिमी, रामनगर वन प्रभागों में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। नंधौर सेंचुरी में एक लंबी दूरी की गश्त की भी की जाएगी।