सरोवर नगरी में बृहस्पतिवार को बारिश और जाम आफत बनकर आई। बारिश की वजह से जहां नैनीताल भ्रमण पर पहुंचे पर्यटकों को भीगते हुए परेशानी उठानी पड़ी वहीं दूसरी ओर जाम की वजह से स्थानीय लोगों का सड़कों पर चलना दूभर हो गया। दिनभर में 20 मिलीमीटर बारिश हुई। बारिश की वजह से नगर में ठंड भी बढ़ गई।
नगर में सुबह सात बजे से लेकर 11 बजे तक और शाम को चार बजे से लेकर पांच बजे तक झमाझम बारिश हुई। नगर में बारिश के बाद भी पर्यटकों के आने का क्रम कम नहीं हुआ। पर्यटक दिनभर पर्यटक वाहनों से नैनीताल पहुंचे जिसकी वजह से नगर की माल रोड समेत सभी मार्गों पर शाम तक जाम लगता रहा।
कई पर्यटकों को होटलों में कमरे नहीं मिले तो उन्हें नगर में जो जगह खाली मिल रही थी उसी में वह अपना समय गुजार रहे थे। बारिश की वजह से पुलिस भी जाम को खोलने में विफल साबित हुई। बारिश की वजह से नगर में छातों की ब्रिकी भी खूब हुई।
लोअर माल रोड बनी तलैया
नैनीताल में शाम के वक्त एक घंटे तक हुई तेज बारिश में लोअर माल रोड पर दो स्थानों में इतना पानी भर गया कि वाहन चालकों के साथ ही लोगों का चलना तक दूभर हो गया। दोनों ही स्थानों पर प्रशासन की ओर से नालियों की नियमित सफाई नहीं करने की वजह से यह नौबत आई। ब्यूरो
अपर माल रोड पर आया मलबा बना परेशानी का सबब
अपर माल रोड पर जू को जाने वाले मोटर मार्ग पर काफी मात्रा में मलबा आने से पर्यटकों के साथ ही वाहन चालकों को आने-जाने में परेशानी उठानी पड़ी। जू मार्ग पर नालियों की खुदाई और नालियों की सफाई नहीं होने से काफी मात्रा में मलबा अपर माल रोड पर समा गया। ब्यूरो
माल रोड पर सीवर लाइन चोक, चारों ओर गंदगी
माल रोड पर पुराने पोस्ट आफिस के समीप शाम के वक्त हुई बारिश से सीवर लाइन का मैनहोल खुल गया। इसकी वजह से सारा सीवर बारिश के पानी के साथ चारों ओर फैलते हुए नैनी झील में समा गया। बाद में जल संस्थान की ओर से होल के ऊपर एक लोहे के बैरियर लगाया गया। ब्यूरो
बारिश से देवीधुरा-बोहरागांव मार्ग बंद
बारिश की वजह से देवीधुरा-बोहरागांव मोटर मार्ग भी बंद हो गया है। इसके अलावा शाम के वक्त हुई बारिश से नैनीताल-कालाढूंगी मोटर मार्ग पर बजून व मंगोली के बीच एक बोल्डर आने से यह मार्ग शाम को 4.30 बजे बंद हो गया। बाद में लोनिवि की ओर से डोजर से इसे हटाया गया इससे करीब आधे घंटे तक यातायात बाधित रहा। ब्यूरो
भीमताल में पर्यटक परेशान
सुबह और दोपहर बाद हुई झमाझम बारिश से जनजीवन अव्यवस्थित हो गया। इस कारण सैलानियों को परेशानी हुई। सड़कों पर जलभराव हो गया। नगर और आसपास के क्षेत्रों में मौसम सामान्य था लेकिन सुबह दस बजे के करीब तेज बरसात होने लगी। घंटे भर बाद मौसम फिर से सामान्य हो गया।
कुछ देर चटख धूप खिलने के बाद दोपहर बाद साढ़े तीन बजे के करीब पहाड़ियों में घना कोहरा छा गया और आसमान बादलों से घिर गया। देखते ही देखते फिर से तेज बरसात शुरू हो गई। बरसात से बचने के लिए सैलानियों ने होटलों, रेस्टोरेंटों और दुकानों में शरण ली। बरसात के चलते ठंडी सड़क, मंदिर मार्ग, नौकुचियाताल रोड और भीमताल भवाली रोड में कई जगह जलभराव हो गया जिससे स्कूली बच्चों और राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शाम पांच बजे बारिश थमने पर लोगों ने राहत महसूस की।
48 घंटों में दस्तक दे सकता है मानसून
झमाझम बरसे मेघ के कारण अधिकतम पारा लुढ़क गया। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र ने 24 घंटों के भीतर राज्य में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी जताई है। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 32.8 और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम और न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक रहा।
बारिश के कारण दिनभर बादल छाए रहे और शाम को हल्की फुहार भी गिरी। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। जबकि 24 घंटों के भीतर राज्य में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में भी कई स्थानों पर बृहस्पतिवार को बारिश हुई है। उत्तर प्रदेश के कारण मानसून आगे नहीं बढ़ पा रहा था। उन्होंने कहा कि अगले 48 घंटों के भीतर मानसून के दस्तक देने की संभावना है।