नैनीताल। हाईकोर्ट ने निर्वाचन अधिकारी जसपुर के उस आदेश पर रोक लगा दी है जिसमें उन्होंने जसपुर नगरपालिका अध्यक्ष का नाम मतदाता सूची से हटाने के आदेश दिए थे। न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
नगरपालिका परिषद जसपुर की अध्यक्ष मुमताज बेगम ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि वह 20 नवंबर 2018 को बहुजन समाज पार्टी से निर्वाचित हुईं थीं। इसके बाद एक व्यक्ति देहरादून निवासी नावेद आलम ने राज्य निर्वाचन आयोग में शिकायत की थी कि उनका (मुमताज बेगम) नाम नगर पंचायत इस्लामनगर बदायूं की मतदाता सूची में भी दर्ज है, इसलिए उनका नाम जसपुर की मतदाता सूची से हटाया जाए।
याचिकाकर्ता का कहना था कि उसने अपना नाम नगर पंचायत इस्लामनगर बदायूं की मतदाता सूची से हटाने के लिए 24 मार्च 2018 को प्रार्थना पत्र दे दिया था। इसके बाद उनका नाम मतदाता सूची से विलोपित कर दिया गया था। याचिका में कहा गया कि इस प्रकरण की जांच तहसीलदार जसपुर की ओर से की गई तथा जांच में पाया गया कि आलम ने कोई भी प्रार्थना पत्र नहीं दिया है। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने अन्य तहसीलदार जसपुर से जांच कराकर रिपोर्ट मांगी थी।
राज्य निर्वाचन आयोग ने 26 फरवरी 2020 को जिला निर्वाचन अधिकारी स्थानीय निकाय ऊधमसिंह नगर को आदेश दिया कि उनका (मुमताज बेगम) नाम जसपुर की मतदाता सूची से हटा दिया जाए। इस आदेश को याचिकाकर्ता की ओर से हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि इसमें उनको सुनवाई का मौका दिए बिना ही यह आदेश पारित किया गया है जो नगरपालिका अधिनियम के प्रावधानों के विपरित है।