हल्द्वानी। जमरानी बांध परियोजना को केंद्रीय वित्त मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है। अब बांध निर्माण की सभी बाधाएं दूर हो गई हैं। जल्द बांध निर्माण का काम शुरू होने की उम्मीद है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बांद निर्माण के लिए एडीबी से धन लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जमरानी बांध परियोजना के अधीक्षण अभियंता संजय शुक्ल ने बताया कि दस दिनों में नमामि गंगे, आवासन, शहरी कार्य मंत्रालय, वन एवं पर्यावरण, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की एनओसी मिल गई। विभिन्न मंत्रालयों की अनापत्ति रिपोर्ट के साथ बुधवार को केंद्रीय वित्त मंत्रालय में हुई बैठक में सिंचाई सचिव भूपिंदर कौर औलख ने बांध की उपयोगिता और आवश्यकता पर प्रजेंटेशन दिया। इस पर केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अधिकारी पूरी तरह सहमत हुए और बांध परियोजना को वित्तीय मंजूरी देते हुए एडीबी से धन लेने की अनुमति दे दी। सिंचाई अधिकारी एडीबी को पहले ही परियोजना की रिपोर्ट पेश कर चुके हैं।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय में हुई बैठक में बांध परियोजना के लिए मांगी गईं सभी औपचारिकताओं को पूरा किया गया था। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने परियोजना के प्रजेंटेशन को काफी गंभीरता से सुना और बांध की जरूरत को देखते हुए वित्तीय मंजूरी दे दी। एडीबी ने पैसा देने पर सहमति जताई है। अब एडीबी से धनराशि लेकर जल्द बांध निर्माण का काम शुरू कर दिया जाएगा। - भूपिंदर कौर औलख, सिंचाई सचिव
अधिकारियों, कर्मचारियों ने जिस गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ काम को आगे बढ़ाया और आज इस मंजिल तक पहुंचाया है, उसके लिए पूरी टीम को बहुत-बहुत बधाई। अब जल्द पुनर्वास और तकनीकी कार्यों के लिए टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। -मोहन चंद्र पांडेय, मुख्य अभियंता सिंचाई।
परियोजना को मंजूरी दिलाने के लिए टीम के सदस्य दिल्ली, देहरादून और हल्द्वानी में दिनरात जुटे रहे। हमने दिल्ली में सभी मंत्रालयों में अपनी मजबूत रिपोर्ट पेश की। जिस वजह से जमरानी परियोजना को वित्तीय मंजूरी दिलाने में हम सफल रहे। - संजय शुक्ल, अधीक्षण अभियंता जमरानी परियोजना।
भारत सरकार से प्रोजेक्ट को स्वीकृति मिल गई है। अब एडीबी इसके लिए फंडिंग करेगा। परियोजना के काम को इतनी तेजी से आगे बढ़ाने और स्वीकृति दिलाने में जमरानी परियोजना की टीम का बड़ा सहयोग है। -मुकेश मोहन, विभागाध्यक्ष सिंचाई विभाग।