बता दें कि पहले इस मद में 19.07 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तय हुआ था जिसमें से परियोजना इकाई 10.74 करोड़ रुपये वन विभाग को दे भी चुकी है, लेकिन अब वन विभाग ने पुराने एस्टीमेट को संशोधित करते हुए 32 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है। परियोजना इकाई ने इस नए प्रस्ताव को मंजूरी के लिए शासन को भेज दिया है।
जमरानी बांध परियोजना के उप महाप्रबंधक बीबी पांडेय ने बचाया कि वन विभाग की ओर से टाइगर कॉरिडोर मैनेजमेंट प्लान के तहत 32 करोड़ का रिवाइज्ड एस्टीमेट आया है। इसे शासन को भेजा गया है। शासन से मंजूरी मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परियोजना प्रबंधक शाहनवाज ने बताया कि जमरानी बांध परियोजना हल्द्वानी शहर की पेयजल और सिंचाई की सबसे बड़ी उम्मीद है, लेकिन वन क्लीयरेंस और बजट बढ़ने से बार-बार इसकी लागत बढ़ती जा रही है। टाइगर कारीडोर मैनेजमेंट प्लान की बढ़ी हुई रकम की मांग शासन से की गई है। जल्द धनराशि मिलने पर परियोजना के काम में तेजी लाई जा सकेगी।