यूपी और उत्तराखंड के हजारों किसान होंगे प्रभावित
राज्य उप-क्षेत्र लाभान्वित गांव लाभान्वित भूमिधर
उत्तराखंड भाबर (नैनीताल) 196 4917
तराई (ऊधमसिंह नगर) 172 3403
उत्तरप्रदेश गंगातटीय (बरेली और रामपुर) 368 60869
योग 1052 69189
जमरानी बांध परियोजना का इतिहास
- 1975 - योजना आयोग से बांध की डीपीआर को प्रशासनिक स्वीकृति मिली
- 1981 - गौला बैराज का निर्माण, 40.5 किमी नहर निर्माण, 244 किमी नहर सुधारीकरण
- 1989 - केंद्रीय जल आयोग की तकनीकी सलाहकार समिति से जमरानी बांध को फेज दो की मंजूरी
- 2018 - फोरेस्ट क्लीयरेंस स्टेज वन, उत्तराखंड और यूपी के बीच अंतरराज्यीय एमओयू
- 2019 - केंद्रीय जल आयोग की तकनीकी सलाहकार समिति से फेज दो की मंजूरी, पर्यावरणीय मंजूरी, नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा से मंजूरी
- 2022 - मोदी सरकार ने पीएम कृषि सिंचाई योजना में शामिल किया।
- 2023 - जनवरी में फॉरेस्ट स्टेज दो क्लीयरेंस, मार्च में पीआईबी की मंजूरी, 25 अक्तूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने पीएमकेएसवाईएआईबीपी के तहत जमरानी योजना को शामिल करने की स्वीकृति मिली।
- 2024 - धामी सरकार ने बांध से जुड़े कामों के लिए 710 करोड़ रुपये जारी किए, बांध के निर्माण को लेकर 2024 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया, एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर को मिला बांध बनाने का ठेका, वेबकॉस कंपनी को पुनर्वास स्थल पर टाउन प्लान बनाने का काम सौंपा, धारा 19 को सचिव राजस्व से मंजूरी मिलने के बाद पुनर्वास और मुआवजा वितरण का रास्ता खुला।