हल्द्वानी। जमरानी बांध परियोजना को लेकर केंद्र सरकार के स्तर पर सक्रियता आ गई है। बृहस्पतिवार को सांसद अजय भट्ट के बांध के डूब क्षेत्र का दौरा करने और डूब क्षेत्रवासियों से हुई बैठक में केंद्र सरकार की सक्रियता का खुलासा हुआ। क्षेत्रवासियों को बताया गया कि उन्हें भूमि अधिग्रहण एवं पुनर्वास अधिनियम 2013 (लारा-2013) के तहत विशेष सुविधाएं मिलेंगी। लारा एक्ट के तहत विस्थापित होने वाले लोगों को भूमि का चार गुना तक मुआवजा देने के साथ ही कई सुविधाएं देने का प्रावधान है।
सांसद के लोकसभा में जमरानी बांध का मामला उठाने के बाद परियोजना में राष्ट्रीय स्तर पर काफी तेजी आई है। बांध का काम देख रहे जमरानी परियोजना के अधीक्षण अभियंता संजय शुक्ल ने बताया कि पीएमओ कार्यालय में बांध परियोजना को लेकर हुई बैठक के बाद परियोजना की वन भूमि का 47 करोड़ रुपया भी अवमुक्त करा दिया गया है। बृहस्पतिवार को सांसद ने जमरानी के डूब क्षेत्र हैड़ाखान तक दौराकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनसे सुझाव भी लिए गए। एसई शुक्ल ने बताया कि सांसद के हस्तक्षेप के बाद केंद्र सरकार द्वारा जमरानी बांध परियोजना को प्राथमिकता में लिया गया है। एसई शुक्ल ने बताया कि जल्द ही डीएम की अध्यक्षता में डूब क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ बैठक होगी और उनकी प्रमुख समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
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लारा एक्ट के तहत विस्थापित होने वालों को ये लाभ मिल सकते हैं।
- विस्थापित होने वाले लोगों को मौजूदा सर्किल रेट से चार गुना तक भूमि का मुआवजा।
- सिंचाई योजना में भूमि लिए जाने पर भूमि के बदले भूमि।
- बेरोजगारों को विशेष भत्ता, पशुशाला शिफ्ट करने पर उसका मुआवजा।
- जिस भवन से विस्थापित हो रहे हैं, उसके निर्माण का लागत मूल्य।
- मंदिर आदि के विस्थापन की व्यवस्था करना।