रामनगर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से सटे मर्चुला क्षेत्र का जमेरिया गांव आने वाले समय में वन्यजीव पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित होने जा रहा है। पार्क प्रशासन ने गांव को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए ग्रामीणों को अलग-अलग क्षेत्रों में प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया है।
जमेरिया गांव में वर्तमान में 50 से अधिक परिवार निवास करते हैं। जंगल और प्राकृतिक क्षेत्र के नजदीक स्थित होने के कारण गांव में वन्यजीव और प्रकृति पर्यटन की अच्छी संभावनाएं मानी जा रही हैं। इसी को देखते हुए पार्क प्रशासन स्थानीय ग्रामीणों की भागीदारी से गांव को पर्यटन मानचित्र पर पहचान दिलाने की दिशा में काम कर रहा है। इसके लिए पार्क प्रशासन की ओर से कम्युनिटी बेस्ड टूरिज्म (सीबीटी) के तहत ग्रामीणों को पर्यटन की गतिविधियों से जोड़कर उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।
होम स्टे से मिलेगा रोजगार
सीबीटी के तहत ग्रामीणों को होम स्टे संचालन के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके माध्यम से पर्यटकों को स्थानीय रहन-सहन, खान-पान और संस्कृति से परिचित कराने के साथ ग्रामीण परिवारों के लिए आय का नया जरिया तैयार किया जा रहा है।
वन्यजीवों के विषय में दी जा रही जानकारी
जमेरिया को प्रकृति और पक्षी प्रेमियों के लिए भी आकर्षक बनाने की तैयारी है। ग्रामीणों को बर्ड वॉचिंग समेत अन्य वन्यजीवों के विषय में जानकारी दी जा रही है।
जमेरिया गांव में सीबीटी के तहत ग्रमीणों को बर्ड वॉचिंग, होम स्टे संचालन समेत कई प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। प्रशिक्षण के बाद ग्रामीणों को सरकार की योजनाओं से जोड़कर उन्हें ऋण उपलब्ध कराया जाएगा ताकि भविष्य में जमेरिया पर्यटन का केंद्र बन सके। - डॉ. साकेत बडोला, निदेशक, सीटीआर