प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय में बुधवार को निदेशक पंकज पांडेय ने पीपीपी मोड में चयनित आईटीआई में कार्य प्रगति संतोषजनक न पाए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि आईटीआई में छात्रों को बेहतर प्रशिक्षण की व्यवस्थाएं किए जाने में किसी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निदेशालय में आयोजित पीपीपी मोड योजना की समीक्षा करते हुए निदेशक पंकज पांडेय ने कुमाऊं भर में पीपीपी मोड में चयनित आईटीआई की प्रगति जानीं तो अल्मोड़ा, बागेश्वर के कांडा और ऊधमसिंह नगर के सितारगंज की स्थिति असंतोषजनक पाई गई। आईडीपी के तहत इन आईटीआई में लक्ष्य प्रगति की स्थिति काफी खराब थी।
नये ट्रेड खोले जाने से लेकर जो अन्य काम होने थे, वो भी अधूरे थे। इस स्थिति में जल्द सुधार करने की हिदायत दी। निदेशक ने नावार्ड के अंतर्गत एवं राज्य सेक्टर के तहत स्वीकृत निर्माण कार्यों पूरे न होने पर भी असंतोष जताया।
बैठक में शासन के अनुसचिव अनूप मिश्र, प्रशिक्षण निदेशालय के प्रभारी उपनिदेशक जेएम नेगी, सहायक निदेशक आरएस मर्तोलिया, अनिल कुमार त्रिपाठी, पीपीपी मोड में चयनित आईटीआई समिति के कुमाऊं भर के चेयरमैन और सदस्य मौजूद रहे।
इससे पहले निदेशक पांडेय ने प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय का निरीक्षण भी किया तथा विभिन्न ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कर्मचारी नेताओं को भरोसा दिया कि लंबित मांगों का निस्तारण शीघ्र किया जाएगा।
इसके उपरांत प्रशिक्षण निदेशक ने कालाढूंगी में आईटीआई और पालीटेक्निक भवन निर्माण कार्य को भी देखा। बृहस्पतिवार को वह चोरगलिया और सितारगंज आईटीआई भवन निर्माण देखने जाएंगे।