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पूर्ण चंद्रग्रहण: आज भारत में आंशिक रूप से आएगा नजर, खुली आंखों या दूरबीन से देखना रहेगा सुरक्षित

Tue, 03 Mar 2026 01:14 PM IST
गायत्री जोशी संवाद न्यूज एजेंसी

सार

नैनीताल के डॉ. वीरेंद्र यादव ने बताया कि पूर्ण चंद्रग्रहण के समय पृथ्वी का वायुमंडल सूर्य के प्रकाश के बैंगनी और नीले रंगों को ज्यादा बिखेरता है। लाल और नारंगी रंग कम बिखरते हैं और सीधे चंद्रमा पर पड़ते हैं। चंद्रमा गहरे लाल रंग का प्रतीत होता है। 
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चंद्र ग्रहण कब से कब तक है? - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आज रात तीन मार्च को पूर्ण चंद्रग्रहण लगेगा। हालांकि भारत के अधिकतर हिस्सों में यह आंशिक रूप से ही दिखाई देगा। खगोलविदों के अनुसार, चंद्रमा का लाल रंग में दिखना एक सामान्य घटना है लेकिन भारत में यह दृश्य स्पष्ट नहीं होगा। यह खगोलीय घटना होली के अवसर पर हो रही है।

आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज), नैनीताल के डॉ. वीरेंद्र यादव ने बताया कि पूर्ण चंद्रग्रहण के समय पृथ्वी का वायुमंडल सूर्य के प्रकाश के बैंगनी और नीले रंगों को ज्यादा बिखेरता है। इससे लाल और नारंगी रंग कम बिखरते हैं और सीधे चंद्रमा पर पड़ते हैं। इससे चंद्रमा गहरे लाल रंग का प्रतीत होता है। हालांकि, आज के ग्रहण का पूर्ण चरण पूर्वी एशिया के देशों से ही दिखाई देगा। भारतीय समयानुसार ग्रहण की शुरुआत दोपहर 2:14 बजे होगी। पूर्णता शाम 4:34 बजे से शुरू होगी, जब चंद्रमा पूर्वी क्षितिज से काफी नीचे होगा। इसी कारण उत्तराखंड सहित भारत के अधिकतर हिस्सों में चंद्रोदय के बाद केवल आंशिक ग्रहण ही देखा जा सकेगा।

चंद्रग्रहण को दूरबीन से देखना सुरक्षित

एरीज के मनोरा पीक परिसर, नैनीताल से चंद्रग्रहण का सीधा प्रसारण संस्थान के यूट्यूब चैनल पर शाम 5:30 बजे से किया जाएगा। आम जनता के लिए प्रत्यक्ष रूप से ग्रहण देखने की व्यवस्था शाम छह बजे से की गई है। डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि चंद्रग्रहण को खुली आंखों या दूरबीन से देखना पूरी तरह सुरक्षित है। ऐसी खगोलीय घटनाएं हमारी जिज्ञासा के लिए शानदार अवसर हैं।

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इसलिए दिखाई देता है चंद्रमा पूरा लाल

पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा का लाल दिखना एक वैज्ञानिक प्रक्रिया का परिणाम है। जब सूर्य का प्रकाश पृथ्वी के वातावरण से होकर गुजरता है, तो नीली और बैंगनी तरंगदैर्ध्य वाली रोशनी अधिक बिखर जाती है, जबकि लाल और नारंगी रंग की रोशनी कम बिखरती है। यही लाल रोशनी पृथ्वी के वातावरण से चंद्रमा तक पहुंचती है और उसे लालिमा प्रदान करती है। भारत में कहां और कितना दिखेगा भारत के ज्यादातर हिस्सों में यह पूर्ण चंद्र ग्रहण दिखाई देगा, हालांकि अधिकतर क्षेत्रों में लोग केवल अंतिम चरण देख पाएंगे। पूर्वोत्तर भारत और अंडमान-निकोबार में चंद्रमा अपेक्षाकृत पहले उदित होगा, जिससे वहां पूर्ण अवस्था का अंतिम भाग भी स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा।

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