चंद्रग्रहण का सूतक काल सुबह 6:20 बजे से शुरू हो गया है। चंद्रग्रहण दोपहर 3:20 बजे स्पर्श करेगा और शाम 6:47 बजे समाप्त होगा। ज्योतिष त्रिभुवन उप्रेती ने बताया ग्रहण काल के दौरान तिल, गुड़, तेल, घी, शक्कर, आटा, चावल, उरद, हवन सामग्री, मौसम के अनुसार वस्त्र, जल, मीठा, पेय, तुलसी दल, ऊनी वस्त्र, कंबल, दक्षिणा आदि का दान शुभ होता है।
मंदिरों में पूजा अर्चना सुबह 6:20 बजे से पहले हो गयी थी उसके बाद कपाट बंद हो गए। ग्रहण का होली गायन पर प्रभाव नहीं पड़ेगा। ज्योतिष विज्ञान के अनुसार चंद्र ग्रहण भारत में खंड ग्रास के रूप में दिखाई देगा। इसलिए सूतककाल में बाल, बृद्ध, बिमार, को छोड़कर सभी पर सूतक लागू होगा भोजन आदि का निषेध होगा। इस दौरान दान पुण्य का लाभ मिलेगा।
राशियों पर ग्रहण का प्रभाव
मेष-अपयश, वृष-उन्नति, मिथुन-धन लाभ, कर्क- हानि, सिंह- शरीर कष्ट, कन्या-आर्थिक हानि, तुला- धन लाभ, वृश्चिक- कष्ट रोग, धनु- संतान से कष्ट, मकर- शुभ लाभ, कुंभ- पारिवारिक कलह, मीन- कष्ट व्यय।