अंतरराज्यीय बस अड्डा (आईएसबीटी) के सपने की शुक्रवार को बुनियादी पड़ जाएगी। मुख्यमंत्री हरीश रावत बस अड्डे का शिलान्यास करेंगे। आईएसबीटी हल्द्वानी के लोगों के लिए सबसे बड़ा तोहफा होगा। ग्रेटर हल्द्वानी (गौलापार) में बस अड्डा तैयार होने के बाद हल्द्वानी की सड़कों से जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
आईएसबीटी वित्तमंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश का ड्रीम प्रोजेक्ट है, लेकिन विधानसभा श्रम मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल की है। शिलान्यास के पत्थर पर खुद को अजर अमर करने के लिए दोनों ही कैबिनेट मंत्रियों ने पूरी ताकत झोंकी है। दोनों ही विधानसभाओं से लोगों को समारोह स्थल तक पहुंचाने और घर छोड़ने के लिए भी व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं।
हल्द्वानी में यातायात की शहर की सबसे बड़ी समस्याओं में एक है। इसकी वजह रोडवेज और केमू बस अड्डे का शहर के बीचोंबीच होना है। इससे टैक्सियां, ऑटो और रिक्शे बस अड्डे के आसपास रहते हैं, जिससे पूरा शहर जाम हो जाता है।
ग्रेटर हल्द्वानी में आईएसबीटी बनने के बाद रोडवेज के साथ केमू और टैक्सी स्टैंड को भी भविष्य में वहीं शिफ्ट करने की योजना है। आईएसबीटी के लिए वित्तमंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश की पहल शुक्रवार को साकार हो जाएगी। मुख्यमंत्री हरीश रावत आईएसबीटी का शिलान्यास करेंगे।
विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, वित्तमंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश और श्रम मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल समारोह में मौजूद रहेंगे। अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के बाद हल्द्वानी के लिए आईएसबीटी सबसे बड़ा प्रोजेक्ट होगा।
आईएसबीटी आठ हेक्टेयर भूमि में बनेगा। एक साल में इसका निर्माण हो जाएगा और लागत 76 करोड़ रुपए आएगी। तीन महीने में आईएसबीटी का ढांचा नजर आने लगेगा।
आज आएंगे सीएम और कल जाएंगे
मुख्यमंत्री हरीश रावत 14 अक्तूबर को अपराह्न पौने चार बजे आर्मी हैलीपैड हल्द्वानी उतरेंगे। वहां से कार द्वारा 4:00 बजे लालठांड तिराहा स्थित मेडिकल चिकित्सालय मैट्रिक्स का उद्घाटन करेंगे। वहां से 4.30 बजे प्रस्ताव कर 5.10 बजे गौलापार पहुंचकर आईएसबीटी का शिलान्यास एवं विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे।
रात 8:00 बजे रात्रि विश्राम के लिए सर्किट हाउस काठगोदाम जाएंगे। शनिवार 15 अक्तूबर को सुबह 9:00 बजे आर्मी हैलीपैड हल्द्वानी पहुंचेंगे और हैलीकाप्टर से टिहरी के लिए उड़ान भरेंगे।