सिंचाई विभाग को 15 लाख का नुकसान
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रामनगर (नैनीताल)। मालधनचौड़ के ढेला बैराज में बुधवार रात अचानक पानी बढ़ गया था। बैराज के गेट खोलने में हुई देरी के कारण भूकटाव होने से बैराज की सुरक्षा दीवार टूट गई थी। इस कारण हुए जलभराव से आसपास बसे 57 ग्रामीण परिवार प्रभावित हुए थे। एसडीएम परितोष वर्मा ने शुक्रवार को इन परिवारों को आपदा राहत कोष से आर्थिक सहायता के चेक बांटे। इस घटना से सिंचाई विभाग को करीब 15 लाख रुपये का नुकसान हुआ था। बैराज की सुरक्षा के लिए सिंचाई विभाग ने भी बैराज के दोनों ओर क्षतिग्रस्त जगहों पर बाढ़ सुरक्षा का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू करवा दिया है।
बुधवार रात ढेला नदी में 25 हजार क्यूसेक से अधिक पानी आ गया था लेकिन ढेला बैराज में कार्यरत कर्मचारियों ने समय रहते बैराज के गेट नहीं खोले। इस कारण बैराज का पानी ओवरफ्लो हो गया था। इस कारण हुए भूकटाव से बैराज का प्लेेटफार्म, मिट्टी की पिचिंग बह गई थी। इसमें विभाग को करीब 15 लाख रुपये का नुकसान हुआ है लेकिन बैराज सुरक्षित है जबकि शिवनाथपुर नई बस्ती, शिवनाथपुर पुरानी बस्ती के साथ 22 एकड़ फार्म के 57 मकानों में पानी घुस गया था। एसडीएम परितोष वर्मा ने बृहस्पतिवार को प्रभावित बस्तियों का निरीक्षण किया।
उन्होंने प्रथम दृष्ट्या सिंचाई विभाग की घोर लापरवाही मानते हुए डीएम को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा। शुक्रवार को एसडीएम वर्मा ने शिवनाथपुर नईबस्ती में जाकर बाढ़ प्रभावित 57 ग्रामीणों को कुुल 1.21 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। आपदा राहत कोष से नुकसान के अनुसार दो हजार से लेकर 3800 रुपये तक के चेक बांटे गए। बताया कि यह डूब क्षेत्र है। भविष्य में जब भी अधिक वर्षा आए तो सुरक्षा की दृष्टि से स्कूल में शरण ले लें। वहीं सिंचाई खंड काशीपुर के एसडीओ दीपक शर्मा, जेई जगत सिंह बिष्ट के नेतृत्व में बैराज के क्षतिग्रस्त हुए क्षेत्रों में बाढ़ सुरक्षा निर्माण कार्य युद्धस्तर पर कराया जा रहा है।