नैनीताल। दहेज के लिए पति पर लगाए गए मारपीट और अन्य आरोपों पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नैनीताल रवि प्रकाश की अदालत ने पुलिस को जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस के कार्रवाई नहीं करने पर महिला ने कोर्ट की शरण ली है।
नैनीताल निवासी महिला की ओर से कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल कर कहा था कि बीती 21 अगस्त को सुबह वह अपनी बेटी को स्कूल छोड़ने जा रही थी, तभी उसके पति आशीष कुमार ने उसके पिता से दो लाख रुपये लाने की मांग की। असमर्थता जताने पर उसने रास्ते में गालीगलौज की और घर लौटने पर सामान से पीठ पर हमला कर दिया। इसके बाद उसने फोन छीन लिया और दोबारा मारपीट की जिससे महिला की गर्दन व हाथ पर चोटें आईं। महिला ने आरोप लगाया कि सास के उकसावे पर पति ने धमकी दी कि पांच दिन में दो लाख रुपये नहीं लाई तो जान से मार दूंगा। पीड़िता ने घटना की सूचना पुलिस को दी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। बाद में आरोपी ने चौकी में माफी मांग ली। थाना काठगोदाम ने अपनी आख्या में इसे पति-पत्नी के बीच पारिवारिक विवाद बताया और कहा कि दोनों पक्षों में कहासुनी हुई थी। अदालत ने कहा कि प्रस्तुत साक्ष्यों, शपथपत्र और मेडिकल रिपोर्ट से प्रथमदृष्टया संज्ञेय अपराध बनता है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि प्रकाश ने आदेश देते हुए कहा कि प्रार्थिनी के कथनों की सत्यता का निर्धारण जांच के बाद ही संभव है। कोर्ट ने थाना काठगोदाम प्रभारी को निर्देशित किया कि वे स्वयं या किसी सक्षम अधिकारी से जांच कर रिपोर्ट शीघ्र न्यायालय में प्रस्तुत करें। कोर्ट ने यह भी कहा कि सास की प्रत्यक्ष भूमिका स्पष्ट नहीं है, इसलिए फिलहाल वाद केवल पति आशीष कुमार के विरुद्ध स्वीकार किया गया है।