रुद्रपुर। दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले की जांच मार्च में शुरू होने की संभावना है। समाज कल्याण विभाग ने एसआईटी को जिले के छात्र-छात्राओं की संख्या रिपोर्ट सौंप दी है। हालांकि दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन के बाद घोटाले का खुलासा हो पाएगा। बाहरी राज्यों के शैक्षिक संस्थानों में चल रही जांच को एसआईटी ने फरवरी में पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
जिले के 215 शैक्षिक संस्थानों में एससी, एससी और ओबीसी छात्रवृत्ति आवंटन में गड़बड़ी मिली है। वर्ष 2007 से 2015 तक एक लाख 30 हजार छात्र-छात्राओं को संस्थानों में दाखिला दिखाया गया था। जांच शुरू करने से पहले एसआईटी ने जसपुर, रुद्रपुर, कुंडा, काशीपुर, खटीमा, सितारंगज समेत कई सरकारी और निजी शैक्षिक संस्थानों को नोटिस भेजकर छात्रवृत्ति पाने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या व उनके पूरे पते की जानकारी मांगी थी, ताकि दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन के बाद वास्तविकता का पता लगाया जा सके लेकिन शैक्षिक संस्थानों ने रिपोर्ट समय से नहीं दी।
इसके बाद एसआईटी ने समाज कल्याण विभाग को नोटिस देकर छात्र-छात्राओं की रिपोर्ट मांगी। एसआईटी सूत्रों के अनुसार छात्र-छात्राओं की रिपोर्ट मिल गई है। फरवरी में बाहरी राज्यों के शैक्षिक संस्थानों की जांच पूरी कर दी जाएगी, जबकि मार्च में जिले के शैक्षिक संस्थानों की जांच शुरू कर दी जाएगी। अब तक एसआईटी छात्रवृत्ति घोटाले में बाहरी राज्य के 29 शैक्षिक संस्थान व 50 से अधिक बिचौलियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा चुकी है। इसमें 15 बिचौलियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
बाहरी राज्यों के छात्र-छात्राएं चिन्हित
रुद्रपुर। जिले के शैक्षिक संस्थानों में प्रवेश पाने वाले राज्य के बाहरी छात्र-छात्राओं को चिन्हित किया जाएगा। इन छात्रों के दस्तावेजों को भौतिक सत्यापन के लिए एसआईटी नोटिस भेजेगी। बताया जा रहा है कि राज्य के बाहर के कई छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति घोटाले में जांच के दायरे में आए हैं।