हल्द्वानी। प्रदेश सरकार विभिन्न चौराहों, सड़कों का नाम बदलकर महान विभूतियों के नाम पर रख रही है। नगर निगम भी पूर्व के वर्षों में विभिन्न चौराहों का अलग-अलग नामकरण कर चुकी है, लेकिन आम जनता के लिए जुबां पर चढ़े नामों को भुला पाना सहज नहीं है।
नवीन वर्मा, हरिमोहन अरोरा, अमरजीत सिंह चड्ढा, प्रदीप सबरवाल समेत कई व्यापारी नेताओं ने इसकी वजह भी साफ की। बोले- नाम तो बदल दिए लेकिन उन नामों को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई। आसपास की दुकानों के बोर्ड आदि पर भी मार्ग और चौराहों का जिक्र हो तो लोग इसे अपनी आदत में शुमार करेंगे।
बदलकर ये नाम रखे गए : नगर निगम ने मंगल पड़ाव स्थित एक सड़क का नाम भगवान श्री सहस्त्रार्जुन देव मार्ग, यहीं अग्रसेन चौक, पटेल चौक के समीप ओके होटल के पास गुरु गोविंद सिंह चौक, मुखानी चौराहे का नाम भगवान परशुराम चौक रखा। मगर अब तक इन सभी चौराहों और मार्गों को लेकर पुराने नाम से ही जानते आए हैं। हालांकि इन मार्गों और चौराहों पर नए नामकरण के बोर्ड अवश्य लगाए गए।
छतरी चौराहे पर मेयर-नगर आयुक्त ने साधी चुप्पी
सोमवार को छतरी चौराहे का नया नामकरण मेयर की ओर से किया जाना था। पूरी तैयारी कर ली गई थी। एकाएक सोमवार सुबह नाम बदलने का निर्णय स्थगित कर दिया गया। पूर्व में निगम ने इस चौराहे का नाम जैन चौराहा रखा था। अब फिर नाम बदलने से जैन समाज के लोगों की आपत्ति सामने आई थी। मंगलवार को मेयर और नगर आयुक्त से जब पूछा गया कि एकाएक निर्णय क्यों वापस लिया गया तो उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और चुप्पी साध ली।