फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इंटर के छात्र ने कनपटी पर गोली मारकर जान दी

Fri, 06 Jan 2017 01:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी
विज्ञापन
आत्महत्या
विज्ञापन
नवाबी रोड महेशनगर स्थित फ्लैट में इंटर के छात्र ने कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके से पिस्टल, दो कारतूस और सुसाइड नोेट बरामद किया, जिसमें उसने अपने पिता से इस कदम को उठाने के लिए माफी मांगी है।
विज्ञापन


बताया जा रहा है कि छात्र के पिता उत्तर प्रदेश के एक बड़ी महिला नेता के पीए हैं। समाचार लिखे जाने तक पुलिस मृतक के पिता से संपर्क करने का प्रयास कर रही थी। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य एकत्र किए।

महेशनगर निवासी महेश चंद का पुत्र करनदीप (18) नैनीताल रोड स्थित एक स्कूल में 12वीं का छात्र था। बृहस्पतिवार रात करीब 8:45 बजे दूसरे तल पर स्थित कमरे में करनदीप मौजूद था। अचानक कमरे से गोलियों के चलने की आवाज सुनकर दूसरे कमरे में बैठी मां नीरू घबरा गईं।
विज्ञापन


मौके पर पहुंची तो बेटा कालीन पर खून से लथपथ गिरा पड़ा था। घटना की सूचना पर हीरानगर चौकी की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मौके से आटोमेटिक  पिस्टल, 22 बोर के दो कारतूस (खाली), सुसाइड नोट बरामद किया।

सुसाइड नोट भी रक्त रंजित था, जिसमें उसने अपने पापा से माफी मांगते हुए ‘सॉरी पापा, आईएम रियली सारी’ पूछताछ से पता चला कि छात्र के कमरे में गाना बज रहा था। गाना बजते समय उसने कनपटी पर गोली मारी थी।

पुलिस उसे लेकर बेस अस्पताल आई, लेकिन डॉक्टर ने छात्र को मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि करनदीप के पिता उत्तर प्रदेश की एक बड़ी महिला नेता के पीए हैं। छात्र ने किन कारणों के चलते गोली मारी, इस सवाल का जवाब जानने के लिए पुलिस दिल्ली में रहने वाले पिता से संपर्क करने का प्रयास कर रही है।

पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव को मोर्चरी में रख दिया है। इधर, घटना की जानकारी मिलने पर मंडी समिति के सभापति सुमित हृदयेश ने मौके पर पहुंचकर घटना के बारे में पुलिस से जानकारी ली।

घर का इकलौता चिराग बुझा  

घर का इकलौता चिराग बुझने से मां नीरू बदहवास हो गई। वह रात में मोर्चरी में रखे बेटे के शव को फिर बृजलाल अस्पताल लेकर जाने की जिद करने लगीं। पुलिस कर्मियों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह महिला दरोगा से ही भिड़ गईं।

बदहवास मां एक ही जिद लगाती रही कि बेटे को किसी दूसरे अस्पताल में ले जाओ वह जिंदा हो जाएगा। किसी तरह लोगों ने उन्हें शांत कराया। बाद में शव निकालने के लिए नीरू ने अपनी बहनों कविता और हेमा के साथ मोर्चरी का चैनल तोड़ने की कोशिश भी की।
विज्ञापन


समझाने पर मां और उसकी मौसियां पुलिस से भी कई बार भिड़ीं। देर रात तक पुलिस मोर्चरी पर परिवार को समझाने में लगी थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें