नैनीताल। डीएसबी परिसर में बुधवार को गुरुग्राम की इनवायरमेंट सेफ कंपनी के लीड ऑडिटर डॉ. उदय प्रताप ने ग्रीन, एनर्जी और इनवायरमेंट का ऑडिट किया। उन्होंने नैनीताल में जाम से होने वाले प्रदूषण की गणना करने और कार्बन डाइऑक्साइड एमिशन पर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।
ऑडिट के दौरान लीड ऑडिटर ने परिसर की सभी कक्षाओं, प्रयोगशालाओं और संपूर्ण परिसर का निरीक्षण किया। डॉ. प्रताप ने बताया कि बीते साल से डीएसबी परिसर में ग्रीन, इनवायरमेंट और एनर्जी के क्षेत्र में सुधार हुआ है। उन्होंने शहर में पेट्रोल की खरीद और उससे होने वाले कार्बन एमिशन पर भी रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा। डॉ. प्रताप ने बताया कि जिस प्रकार टेक्नोलॉजी से नाइट्रोजन प्रदूषण में 70 फीसदी कमी आई है, उसी तरह कार्बन एमिशन को भी कम किया जा सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि लगातार कार्बन एमिशन बढ़ने से ग्लोबल वार्मिंग बढ़ रही है जिससे जलवायु परिवर्तन हो रहा है।
ऑडिटर ने परिसर में पारंपरिक बल्बों को एलईडी बल्बों में बदलने की वर्षवार रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, परिसर में सेंसर बल्ब लगाने का प्रस्ताव बनाने, विद्युत फिटिंग में वायर और पावर क्वालिटी का विशेष ध्यान रखने और रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट की जगह रेन वाटर स्टोरेज के लिए मॉडल फिल्टर लगाने का सुझाव दिया। उन्होंने स्वाइल टेस्टिंग लैब के लिए एनएबीएल में पंजीकरण कराने की भी सलाह दी। इस मौके पर
ग्रीन ऑडिट के कॉर्डिनेटर प्रो. एसएस बर्गली, एनर्जी ऑडिट की कॉर्डिनेटर प्रो. सीमा पांडे और इनवायरमेंट ऑडिट की कॉर्डिनेटर प्रो. अनीता पांडेय आदि मौजूद रहे।