नैनीताल। हाईकोर्ट ने अमिताभ टेक्सटाइल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की याचिका पर सुनवाई के बाद परिसमापक को 28 मार्च के लेनदारों की सूची कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार अभिताभ टेक्सटाइल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी देहरादून की वर्ष 1988 में बीआईएफआर द्वारा कंपनी को बंद किए जाने के आदेश के विरुद्ध याचिका दायर की गई थी, जिसे एकलपीठ ने खारिज कर दिया था। इस आदेश को कंपनी की ओर से स्पेशल अपील की गई।
वर्ष 2008 में खंडपीठ ने अपील को स्वीकार कर बीआईएफआर को कंपनी के पुनर्वास प्रार्थना पत्र पर विचार करने को कहा। कंपनी ने पुनर्वास प्रार्थना पत्र में मिल की श्रमिकों के देयकों का भुगतान का वादा किया और करोड़ो की राशि का ब्याज और बैंक ऋण माफ करवाया गया, लेकिन फैक्ट्री नहीं चलाई गई। वर्ष 2014 में बीआईएफआर ने कंपनी को चलने लायक न मानते हुए बंद करने के आदेश दिए। इसी बीच श्रमिक महेंद्र व 200 अन्य श्रमिकों ने हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर अपने देयकों का भुगतान करने व कंपनी की संपत्ति को खुर्द बुर्द होने व बेचे जाने से बचाने का प्रार्थना पत्र दिया।
हाईकोर्ट द्वारा कंपनी के अधिवक्ता ने कंपनी न बेचे जाने का कथन किया। इसी बीच श्रमिकों द्वारा हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर श्रमिकों के पुनर्वास व देयक दिलाए जाने का प्रार्थना की। जिस पर 6 फरवरी 2017 को हाईकोर्ट ने परिसमापक को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए। हाईकोर्ट में लगभग 70 श्रमिकों द्वारा तीस करोड़ का दावा प्रस्तुत किया, जिसमें प्रबंधन द्वारा 15 श्रमिकों संबंधी क्लेम देय होने की बात कही। पक्षों की सुनवाई केे बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 28 मार्च तक परिसमापक को लेनदारों की सूची कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए।