बिजली कनेक्शन को लेकर दो विभागों में ठन गई है। जल संस्थान ने अपने ट्रांसफार्मर से नुमाइश के लिए कनेक्शन देने का विरोध किया है तो पावर कारपोरेशन के अधिकारी कनेक्शन देने को जायज ठहरा रहे हैं।
जल संस्थान के सहायक अभियंता आरपी डोबवाल ने बताया कि जगदंबा नगर ट्यूबवेल के पास जल संस्थान का ट्रांसफार्मर है। इससे पावर कारपोरेशन ने नुमाइश के लिए 30 किलोवाट का कनेक्शन दिया है।
कनेक्शन देने का विरोध अधिशासी अभियंता नवीन मिश्रा और मुख्य अभियंता एचसी गुरुरानी से किया गया। अधिशासी अभियंता ने एक नहीं सुनी और कनेक्शन की प्रक्रिया को सही ठहराया है।
जबकि बगल में दूसरा ट्रांसफार्मर भी है, मगर उससे कनेक्शन नहीं दिया गया। डोबवाल का कहना है कि वोल्टेज की समस्या होने से ट्यूबवेल की मोटर फुंकने की संभावना है।
मोटर फुंकने पर जिम्मेदाररी पावर कारपोरेशन के अधिकारियों की होगी। दूसरी ओर अधिशासी अभियंता नवीन मिश्रा का कहना है कि जल संस्थान ने ट्रांसफार्मर की धनराशि जमा की थी, मगर धनराशि जमा करने से ट्रांसफार्मर उनका नहीं हो सकता क्योंकि ट्रांसफार्मर फुंकने पर विभाग बदलता है।
मिश्रा ने बताया कि नुमाइश के लिए 30 किलोवाट का कामर्शियल कनेक्शन दिया गया है। नुमाइश संचालकों से कामर्शियल दर से भुगतान लेने के अलावा 25 प्रतिशत अतिरिक्त चार्ज लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जल संस्थान के ट्यूबवेल के लिए वोल्टेज देना पावर कारपोरेशन की जिम्मेदारी है और निर्धारित वोल्टेज दिया जाएगा, नुमाइश के कनेक्शन से किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होगी। ट्रांसफार्मर 250 केवीए का लगा है।