नैनीताल/रामनगर/ हल्द्वानी। कार्बेट पार्क से लेकर नैनीताल और हल्द्वानी के जंगल धधक उठे। तेज हवा के कारण आग को काबू पाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। खबर लिखे जाने तक कार्बेट पार्क के कालागढ़ डिवीजन में लगी हुई आग को बुझाने में टीमें लगी हुई थी।
कार्बेट पार्क के संवेदनशील धारा और झिरना के बीच मंगलवार सुबह लगी आग ने विकराल रूप ले लिया। आग लगने की सूचना से कार्बेट प्रशासन में खलबली मच गई। कार्बेट पार्क के उपनिदेशक अमित वर्मा ने बताया कि मंगलवार सुबह कालागढ़ रेंज के झिरना चौकी से वनकर्मियों ने धुआं उठता देख आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तेज हवाओं के चलते आग बढ़ती ही गई।
तत्काल आसपास की सभी चौकियों के वनकर्मियों को मौके पर बुलाकर आग बुझाने के प्रयास शुरू हुए। उप निदेशक के मुताबिक दो हेक्टेयर से अधिक जंगल को आग ने अपनी चपेट में ले लिया है। आग बुझाने के लिए 60 से अधिक वनकर्मी जुटे हुए हैं। तेज हवाओं के चलते आग पर काबू पाना मुश्किल हो रहा था। बाद में काउंटर फायर कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। समाचार लिखे जाने तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका था।
वहीं, सोमवार देर रात आपदा कंट्रोल रूम से नैनीताल वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी धर्म सिंह मीणा को सेेंटलू वन बीट में आग लगने की सूचना मिली, उन्होंने नगर पालिका वन रेंज के आरओ प्रमोद तिवारी के निर्देशन में टीम आग ने बुझाने का काम रात 1.30 बजे से शुरू किया। घंटों चले अभियान के बाद मंगलवार की सुबह 6 बजे आग पर काबू पाया जा सका।
मंगलवार की रात में तेज हवा चलने से की वजह से आग भड़क गई, जिसे स्थानीय लोगों के सहयोग से काबू किया गया। इस मौके पर वन दरोगा हीरा सिंह शाही, वन रक्षक ललित मोहन पांडे व गंगा राठौर, कुंदन सिंह, निमिष सिंह, सूरज, पंकज, हरीश, नंदन, गोविन्द आदि थे। वन विभाग के अधिकारियों कोे मुताबिक आग सेंटलू वन बीट के सुख निवास स्थित निजी कंपाउंड में लगी थी।
हल्द्वानी हीरानगर में विद्युत तार पर टहनी गिरने के कारण शार्ट सर्किट से जंगल में आग लग गई। घटना की सूचना मिलते ही हीरानगर चौकी प्रभारी प्रताप सिंह नगरकोटी ने मौके पर पहुंचकर फायर ब्रिगेड को सूचना दी। फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग को काबू में करना शुरू किया। बिजली विभाग के कर्मचारियों ने तत्काल आकर शट डाउन कर दिया। आग की स्थिति देखने के लिए किसी के पास ड्रेगन लाइट नहीं थी।
आग ने पेड़ों को चपेट में ले लिया था। फायर ब्रिगेड ने स्थानीय लोगों की मदद से आग को काबू में किया। इस बीच चौकी प्रभारी ने मदद के लिए डीएफओ सहित अन्य अधिकारियों को मोबाइल पर कॉल किया लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला। आग काबू में होने के बाद वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे।
इसको लेकर पुलिस और फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने नाराजगी भी जताई। वही, तराई केंद्रीय वन प्रभाग के हल्द्वानी रेंज के वनकर्मियों का दावा था कि वह दूसरी तरफ से आग बुझाने में लगे थे, कोई कोताही नहीं की गई है। आग लगने की सूचना के बाद सुशीला तिवारी अस्पताल के फायर कंट्रोल करने वाली टीम को संसाधनों के साथ एलर्ट कर दिया गया।