हल्द्वानी। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भगत के बयान से उन्हें कष्ट पहुंचा है। इंदिरा ने कहा कि जब वह मुख्यमंत्री से वार्ता करेंगी तो भगत उनकी वार्ता सुनने के लिए अपना प्रतिनिधि भेज सकते हैं।
बंशीधर भगत ने शुक्रवार को इंदिरा हृदयेश पर झूठ बोलने का आरोप लगाया था। भगत के अनुसार क्वारंटीन की अवधि पूरी होने पर प्रवासियों को घर भेजने को नेता प्रतिपक्ष श्रेय ले रही हैं जबकि उनकी सीएम से बात तक नहीं हुई। शनिवार को नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वह अपने 50 वर्ष के विधायी जीवन में इस तरह की बात पहली बार सुन रही हैं।
संकट के इस दौर में कांग्रेस पूरी तरह सरकार के साथ सहयोग कर रही है। हृदयेश ने कहा कि क्वारंटाइन अवधि पूरे कर चुके पर्वतीय क्षेत्र के लोगों को उनके घर भेजे जाने को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से बात की थी। जिस पर उन्होंने सकारात्मक कार्यवाही करते हुए लोगों को घर भिजवाने की कार्यवाही की। ऐसे में सीएम से उनकी वार्ता को झूठ करार दिया जाना अनुचित है।
यह भी कहा
-कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में उन्होंने और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने यह प्रस्ताव रखा था कि एक घंटे के अंदर सभी मदों को एक साथ बोलकर बजट पास कर दिया जाए। इसके बाद एक घंटे में बजट पास कर सदन अनिश्चितकाल के लिये स्थगित कर दिया गया।
-इंदिरा के अनुसार सीएम त्रिवेंद्र रावत ने मुख्यमंत्री बनने के बाद पहले ही दिन सदन में बयान दिया था कि इंदिरा सदन की सबसे वरिष्ठ सदस्य है, हमें इनसे सीखने की आवश्यकता है, लड़ने की नहीं और वह हमेशा यही व्यवहार भी करते हैं।
-उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विधायक हैं और मंत्री रह चुके हैं। इस तरह का बयान देने से पहले विधायक भगत को उनसे या मुख्यमंत्री से वार्ता कर लेनी चाहिए थी।
-इंदिरा ने कहा है कि यह समय किसी भी प्रकार श्रेय लेने का नहीं है। मैं सुझाव यदा कदा ही देती हूं। माननीय मुख्यमंत्री उसका सकारात्मक उत्तर भी देते हैं।
हमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के वीडियो शेयर करने को मजबूर न करें: प्रकाश
कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी ने भाजपा पर राजनीति करने और गलत बयानबाजी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा उन्हें अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के वीडियो शेयर करने पर मजबूर न करे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की ओर से कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष में लगाए गए आरोपों के बाबत प्रकाश जोशी ने कहा कि क्वारंटाइन में रह रहे लोगों को समय सीमा समाप्त होने पर उनके घरों में भेजने की मांग राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत, प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, विधायक दल की नेता इंदिरा हृदयेश और खुद उनकी ओर से गई थी। सरकार द्वारा उनको भेज भी दिया गया, जो कि सराहनीय भी है। परंतु भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत कि इंदिरा हृदयेश पर की गई टिप्पणी गलत है।
ये सवाल भी उठाए
1. जब सारे देश में लॉकडाउन शुरू हो गया था, तब भाजपा ने कहां से लाखों रुपये के रंगीन पर्चे छपवाकर खाद्य सामग्री में लगा कर बांटे। प्रिंटिंग पर खर्च किए गए लाखों रुपये भी जरूरतमंदों की सहायता में लगाए जा सकते थे।
2. पूरे प्रदेश में कांग्र्रेसी गरीबों की मदद करना चाह रहे थे, उन्हें रोका गया, हालांकि वे किसी भी तरह अपना कार्य फिर भी करते रहे। भाजपा के कार्यकर्ताओं को खुली छूट थी।
3. समाचार आते रहे कि इस विपदा के समय भी जरूरी साधनों की खरीद में गुणवत्ता से समझौता हो रहा है। स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा नाराजगी भी जताई गई। भाजपा चुप रही।
4. उत्तराखंड में फंसे गुजरात के 1500 से अधिक लोगों को प्रदेश छोड़ने विशेष बसें भेजी गईं। हमारे प्रदेश के लोगों को विभिन्न राज्यों में उनके हाल पर छोड़ दिया गया।
5. हरिद्वार और देहरादून में यूथ कांग्रेस के सोशल मीडिया के साथियों को विभिन्न पुलिस थानों में घंटों बैठाकर प्रताड़ित किया गया।