हल्द्वानी। स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना जांच का दायरा बढ़ा दिया है। 22 मार्च से चार माह में जितनी जांचें हुईं हैं, स्वास्थ्य विभाग के अनुुसार करीब उतनी जांचें एक महीने में हो गई हैं। 22 मार्च से 21 जुलाई तक कुमाऊं मंडल के छह जिलों में करीब 53 हजार कोरोना की जांच हुईं थीं, जबकि पिछले एक महीने में ही 67 हजार जांच हुई हैं। अब तक मंडल में एक लाख बीस हजार से ज्यादा जांच हो चुकी है। जांच में बढ़ोत्तरी का कारण एंटीजन टेस्ट, प्राइवेट और सरकारी लैब की संख्या में वृद्धि है।
पिछले एक महीने में ही मंडल में कोरोना के 3587 नए मरीज रिपोर्ट हुए हैं जबकि उससे पहले तक करीब चार महीने में 2129 मरीजों की पहचान हुई थी। मरीजों की संख्या बढ़ने का एक कारण जांच में तेजी आना भी माना जा रहा है। कुमाऊं की करीब 43 लाख आबादी है, स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार इसमें से करीब 120000 लोगों की कोरोना जांच हो चुकी है, इस तरह से मंडल में 35 वें व्यक्ति की कोरोना जांच हो गई है। अगर यही रफ्तार रही और कोई तकनीकी दिक्कत नहीं आई तो अगले तीन माह में मंडल में पैंतीस लाख लोगों की जांच हो सकती है।
कुमाऊं की स्वास्थ्य निदेशक डॉ. शैलजा भट्ट ने कहा कि जब हम जांचें बढ़ाते हैं तब ही कोरोना पॉजिटिव लोगों को ट्रैक भी कर पाते हैं। कंटेनमेंट जोन में भी जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। बाहर से आये लोगों की भी कोरोना जांच की जा रही है। बुजुर्ग जो मधुमेह, ब्लड प्रेशर के रोगी हैं उनकी भी कोरोना जांच की जा रही है।
ऊधमसिंह नगर जिले में सबसे ज्यादा जांचें
हल्द्वानी। आबादी के लिहाज से मंडल में ऊधमसिंह नगर जनपद सबसे ज्यादा बढ़ा है और यहां कोरोना जांच भी सबसे ज्यादा 43819 हुई हैं। इसके बाद नैनीताल जिले में 24903, अल्मोड़ा में 18091, पिथौरागढ़ में 9760, बागेश्वर में 8249 और चंपावत में 12162 कोरोना जांच हो चुकी हैं।
प्राइवेट और निजी लैब में हो रही जांचें
हल्द्वानी। मंडल में कोरोना की आरटीपीसीआर जांच सरकारी स्तर पर नैनीताल जिले में स्थित आईवीआरआई, मुक्तेश्वर और एसटीएच हल्द्वानी में हो रही है। इसके अलावा हल्द्वानी में दो प्राइवेट लैब को भी कोरोना जांच करने की अनुमति दी जा चुकी है। स्वास्थ्य महकमे से पता चला है कि कोरोना जांच की रफ्तार में एंटीजन रैपिड टेस्ट किट की अहम भूमिका है। इसका नतीजा एक घंटे में ही आ जाता है। नैनीताल जिले में ही 8500 से ज्यादा एंटीजन रैपिड जांच हो गईं हैं। हालांकि ट्रुनेट से करीब 380 कोरोना जांच ही हुई हैं।