20 से अधिक कर्मचारियों से काम लेने वाले प्रतिष्ठानों के लिए भविष्य निधि संगठन में पंजीकरण कराना अनिवार्य है। कर्मचारियों का अंशदान जमा करने से बचने के लिए अधिकांश प्रतिष्ठान पंजीकरण नहीं कराते हैं। भविष्य निधि संगठन सर्वे कर ऐसे प्रतिष्ठानों पर पंजीकरण कराने का दबाव बनाएगा, ताकि कर्मियों को पीएफ का लाभ मिल सके।
कुमाऊं में मात्र 2700 नियोक्ता हैं। इनमें भी 70 फीसदी नियोक्ता अकेले ऊधमसिंह नगर जिले में ठेकेदार और कारखाने हैं। बाकी जिलों में नियोक्ताओं की संख्या काफी कम है। नियमानुसार जिन प्रतिष्ठानों में 20 से अधिक कर्मी काम करते हैं उनका पंजीकरण भविष्य निधि संगठन में अनिवार्य है।
लेकिन कुमाऊं में हजारों ऐसे प्रतिष्ठान हैं जिनका पंजीकरण ही नहीं है। ऐसे प्रतिष्ठानों ने कागजों में हेराफेरी कर कर्मचारियों की संख्या 20 से कम दर्शायी है। जबकि इनके प्रतिष्ठानों में 20 से कहीं अधिक कर्मचारी काम करते हैं।
भविष्य निधि आयुक्त अमिताभ प्रकाश के मुताबिक कर्मचारी हितों के लिए सरकार ने कई पालिसी बनाई है। पालिसी का लाभ पहुंचाना विभाग की जिम्मेदारी है। आयुक्त के मुताबिक कुमाऊं स्तर पर सर्वे कराया जाएगा। 20 से अधिक कर्मचारियों से काम लेने वाले प्रतिष्ठानों का पंजीकरण करवाया जाएगा। ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिले में नए प्रतिष्ठानों के पंजीकरण होने से हजारों कर्मियों को पीएफ का लाभ मिल सकेगा।
कर्मचारियों को पीएफ का लाभ देने के लिए सरकार जल्द ही 20 कर्मियों के मानक को बदलकर 10 करने जा रही है। यानी 10 से अधिक कर्मियों से काम लेने वाले प्रतिष्ठानों को पंजीकरण अनिवार्य होगा। पंजीकरण नहीं होने पर कार्रवाई होगी।