मटर के बोरों को पैक करते किन्नरों के ग्रुप के किन्नरों की गुरुजी लाली
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किन्नरों की पहचान आमतौर पर घर-घर जाकर बधाई देने गाने और ढोल बजाने की होती है लेकिन कुछ किन्नर ऐसे भी हैं जो आजीविका के लिए कुछ अलग काम में जुटे हैं। कुमाऊं की सबसे बड़ी थोक मंडी में इन दिनों बिहार के पटना से पांच किन्नर मटर का कारोबार करने पहुंचे हैं। ये पहाड़ के किसानों को मटर का दोगुने से भी अधिक दाम देकर चेहरे पर खुशी बिखेर रहे हैं। शुरुआत में मटर के दाम 140 रुपये किलो तक चुकाए। इसके बाद 120 और अब 100 रुपये किलो खरीद रहे हैं।
मंडी के कुछ व्यापारी यहां से कानपुर और दूसरे शहरों को मटर भेजने का कारोबार करते थे, लेकिन इस बार किन्नरों के खरीदने की वजह से दाम नीचे नहीं आए और स्थानीय व्यापारियों ने मटर के कारोबार से हाथ खींच लिए। थोक मंडी में मटर के दाम तेज होने के कारण हल्द्वानी की फुटकर सब्जी मंडी में मटर 150 से 160 रुपये किलो तक हैं।
500 क्विंटल से अधिक की सप्लाई
किन्नरों का समूह अब तक 500 क्विंटल से अधिक मटर खरीद कर पश्चिम बंगाल की मंडी में भेज चुका है। ये लोग थोक मंडी से मटर खरीद कर काठगोदाम रेलवे स्टेशन ले जाकर छपरा स्टेशन तक के लिए बुक करते हैं। किन्नरों के गुरुजी लाली बताते हैं कि छपरा में उनका व्यक्ति मौजूद रहता है जो कि मटर को उतार कर पिकप के माध्यम से आसनसोल भेजता है।
इन्होंने कही मन की बात
हल्द्वानी थोक मंडी पहली बार आए हैं। अब पंजाब से भी मटर की आपूर्ति शुरू हो गई है, इसलिए एक दो दिनों में चले जाएंगे। इसके बाद सूरत जाएंगे, वहां भिंडी खरीद कर दूसरी मंडियों को भेजेंगे। इसके बाद कोलकाता में परमल का कारोबार करेंगे।
- लाली, किन्नरों के गुरुजी
पहले बधाई लेने का काम करते थे लेकिन उससे गुजारा नहीं चल पाता था। दिन भर लोगों के घरों में गा बजाकर कमाते थे, उसका आधा हिस्सा तो हमारे गुरुजी को चला जाता था। यह काम छोड़ मैं लाली गुरुजी के साथ मंडी के कारोबार में जुड़ गई।
- संजीता
देश के अलग-अलग राज्यों में जाकर हम लोग थोक मंडियों से सब्जियां खरीद कर दूसरी मंडियों में संपर्क कर सब्जी भेजते हैं। इस कारोबार में जितनी मेहनत हो सकती है हम करने से नहीं घबराते और मंडी के व्यापारी भी सहयोग करते हैं।
- सोनू किन्नर
पहाड़ की मटर के दाम पिछले वर्ष दीपावली के आसपास 50 से 60 रुपये किलो थोक में रहते थे लेकिन इस बार मंडी में पटना से आए किन्नरों के मटर की खरीद करने से किसानों को दोगुने से भी अधिक मूल्य का फायदा हुआ है। पहाड़ के काश्तकारों को 25 वर्ष में पहली बार मटर के अच्छे दाम मिले हैं।
जीवन सिंह कार्की अध्यक्ष, मंडी आलू फल आढ़ती व्यापारी एसोसिएशन, हल्द्वानी
लोगों के घरों में खुशी के मौके पर गा बजाकर बधाई लेकर जीवन-यापन करने वाले किन्नरों के इस तरह व्यापार करना प्रेरणादायक है। स्वाभिमान और मेहनत करके किन्नरों द्वारा मंडी में कारोबार करने से युवा वर्ग को प्रेरणा लेनी चाहिए।
- नीरज प्रभात गर्ग, थोक मंडी व्यापारी