उत्तराखंड के रामनगर वन प्रभाग और विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के आसपास का इलाका इन दिनों डर के साये में है। पिछले एक साल (जनवरी 2025 से जनवरी 2026) के आंकड़े दिल दहला देने वाले हैं। 18 जनवरी 2026 को कोसी रेंज में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने के साथ ही, पिछले 12 महीनों में बाघ के हमलों में मरने वालों की संख्या सात (7) तक पहुंच गई है।
07 जनवरी 2025 को रामनगर वन प्रभाग के कोसी रेंज में शांति देवी को बाघ ने मारा था।
09 जनवरी 2025 को रामनगर वन प्रभाग की कोसी रेंज में भुवन चंद्र बेलवाल की बाघ ने जान ले ली।
09 जनवरी 2025 को कॉर्बेट के सांवल्दे में प्रेम सिंह को बाघ ने मारा।
26 मई 2025 को तराई पश्चिमी के हल्दुआ में विनोद कुमार को बाघ ने मार दिया था।
दो जनवरी 2026 को कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के ढेला रेंज के जंगल में लकड़ी बीनने गई सुखिया देवी (65) पत्नी चंदन सिंह को बाघ ने मार डाला था।
चार जनवरी 2026 को रामनगर वनप्रभाग की कोटा रेंज में श्रमिक अभिमन्यु को बाघ ने मारा था।
18 जनवरी 2026 को रामनगर वनप्रभाग की कोसी रेंज में अज्ञात व्यक्ति को बाघ ने बनाया निवाला।
शाम होते ही गांवों में पसर रहा है सन्नाटा
सर्दी के मौसम में कुमाऊं में वन्यजीवों के हमले के मामले बढ़े हैं। बाघ और तेंदुओं ने 12 नवंबर से अब तक 10 से अधिक लोगों को निवाला बना लिया। ऐसे में शाम होते ही गांवों में सन्नाटा पसर रहा है। लोग घरों में कैद होने के लिए मजबूर हैं। गांवों में अघोषित कर्फ्यू जैसे हालात पैदा हो गए हैं।
घटनास्थल के आसपास बाघिन और दो शावकों के पंजों के निशान मिले हैं। संभावना है की बाघिन ने व्यक्ति को निवाला बनाया होगा। कैमरा टैप लगाकर मामले की जानकारी ली जा रही है। उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी दी जा रही है। उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद ही आगे की कार्यवाही की जाएगी।
- ध्रुव मर्तोलिया डीएफओ, रामनगर वनप्रभाग