समय पर न तो बरसात हो रही है और न ही हिमपात। नतीजा यह है कि ठंड में तापमान घटने के बजाए लगातार बढ़ रहा है। जिसके चलते बेमौसम पेड़ों में कहीं बौर आ रहा है तो कहीं फल नजर आने लगे हैं। यहां गंगवाचौर के जंगल में भी बुरांश के कई पेड़ों में फूल खिल गए हैं। जिन्हें देख हर कोई अचंभित हैं।
मुक्तेश्वर स्थित त्रिशूल आचर्ड के स्वामी विक्रम बिष्ट ने बताया कि गंगवाचौर और इसके आसपास के क्षेत्र में आजकल कई पेड़ों मेें बुरांश के फूल खिले हुए हैं जबकि आमतौर पर बुरांश में मार्च आखिरी दिनों में फूल खिलते हैं। इस संबंध में पूछे जाने पर केंद्रीय शीतोष्ण बागवानी संस्थान के प्रभारी निदेशक डा. बीएल अत्री का कहना है कि यह सब ग्लोबल वार्मिंग का असर है।
उन्होंने बताया कि लंबे समय से बरसात न होने के कारण मौसम में आद्रता वह नहीं है जो जनवरी के महीने में दर्ज की जाती थी। उन्होंने बताया कि यही कारण है कि पेड़ पौधों को फूल खिलने और बौर आने का तापमान मिलने लगा है जिसके चलते बेमौसम पेड़ों में कहीं बौर आ रहा है तो कहीं फूल खिल रहे हैं। डा. अत्री इसे पर्यावरण के लिए चिंता की बात बताते हैं।