नैनीताल। प्राइमरी स्कूलों और जूनियर हाईस्कूलों के विलय मामले में हाईकोर्ट ने ऊधमसिंह नगर के डीएम को 18 मार्च तक स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
शांतिपुरी (पंतनगर) निवासी डॉ. गणेश उपाध्याय ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि शिक्षा विभाग के शासनादेश के तहत जिले में चार किमी की परिधि में आने वाले प्राइमरी स्कूलों का माध्यमिक स्कूलों में विलय किया जा रहा है, जो शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई) की धाराओं का उल्लंघन है।
याची का कहना था कि भारत सरकार द्वारा पारित अधिनियम में प्रावधान है कि बच्चे के घर से एक किमी की दूरी पर प्राइमरी स्कूल तथा तीन किमी की दूरी पर उच्च प्राथमिक विद्यालय होना चाहिए। पूर्ववर्ती सरकारों ने भी इसी को आधार मानकर स्कूल खोले थे लेकिन इन स्कूलों की निर्वाचित प्रबंधन समितियों को बिना किसी आदेश के अस्तित्व विहीन किया जा रहा है।
याचिका में कहा गया कि 1100 विद्यालयों में से 398 विद्यालयों को बंद कर देना सरकार की सोची समझी साजिश है। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने ऊधमसिंह नगर के डीएम को 18 मार्च तक स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।