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16 दीक्षांत समारोहों में 24 दिग्गजों को मानद उपाधि से नवाज चुका है कुविवि

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नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद से अब तक हुए दीक्षांत समारोहों में कुछ समारोह ही ऐसे रहे हैं जब किसी को मानद उपाधि नहीं दी गई जबकि अब तक आयोजित 16 दीक्षांत समारोहों में 24 दिग्गजों को मानद उपाधि दी जा चुकी है।
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कुमाऊं विश्वविद्यालय का पहला दीक्षांत समारोह 14 जून 1975 को हुआ था। 19 अक्तूबर 1978 को आयोजित दीक्षांत समारोह में डीडी पंत को डीएससी और इला चंद्र पंत को डीलिट की मानद उपाधि दी गई। 18 मार्च 1994 को पूर्व मुख्यमंत्री गोविंद बल्लभ पंत और शैलेश मटियानी को डीलिट, प्रो. श्रीकृष्ण जोशी, जनरल बीसी जोशी, डा. देशबंधु बिष्ट व ले.ज. जीएस रावत को डीएससी की मानद उपाधि दी गई।
12 जून 2006 को आयोजित दीक्षांत समारोह में डा. कर्ण सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी, फाली एस नारीमन, बीडी पांडे व डा. सी रंगराजन को डी लिट व डा. एचसी पांडे को डीएससी की मानद उपाधि दी गई। आठ जून 2008 को आयोजित समारोह में डा.आरके पचौरी व डा.एमसी पंत को डीएससी की मानद उपाधि से नवाजा गया। 22 जून 2010 को कुमाऊं विश्वविद्यालय ने पद्मश्री मृणाल पांडे, पद्मभूषण चंडी प्रसाद भट्ट और हिमांशु जोशी को मानद उपाधि दी गई।
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10 अगस्त 2011, 15 नवंबर 2015 और 21 अक्तूबर 2016 को भी दीक्षांत समारोह हुए लेकिन तब किसी को मानद उपाधि नहीं दी गई। 18 मई 2018 को विश्वविद्यालय ने अजीत डोभाल को और उसी साल गीतकार प्रसून जोशी को व सात मार्च 2020 को आयोजित दीक्षांत समारोह में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश डा.डीवाई चंद्रचूड़, इंडिया टीवी के एडिटर रजत शर्मा व श्री गंगाराम चिकित्सालय नई दिल्ली के वरिष्ठ डाक्टर सौमित्र रावत को मानद उपाधि से नवाजा था। इस साल 27 मई को प्रस्तावित समारोह में अभी तक किसी को मानद उपाधि से नवाजने का निर्णय विश्वविद्यालय प्रशासन ने नहीं लिया है।
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