आईआईटी दिल्ली की टीम ने टटोली पार्किंग की संभावनाएं
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हाइकोर्ट के निर्देश के बाद सरोवर नगरी को पार्किंग और ट्रैफिक की समस्या से निजात दिलाने के उपाय शुरू हो गए हैं। आईआईटी दिल्ली की टीम ने दो दिन शहर में रहकर पार्किंग की संभावनाएं तलाशी। कई पार्किंग स्थलों का निरीक्षण किया। टीम अब दिल्ली लौट गई है। वह अपनी रिपोर्ट आईआईटी रुड़की को सौंपेगी।
आईआईटी दिल्ली में सिविल और ट्रांसपोर्ट इंजीनियरिंग विभाग में वरिष्ठ प्रोफेसर गीतम तिवारी, प्रो. दिनेश मोहन और सहायक प्रोफेसर केएन झा ने शनिवार को अफसरों से वार्ता कर पूरी जानकारी जुटाई थी। रविवार को प्रशासन के अधिकारियों को लेकर टीम के सदस्यों ने नैनीताल-हल्द्वानी मोटर मार्ग में जिला जेल के पास, नेशनल होटल के पास और तल्लीताल में फांसी गधेरे का निरीक्षण किया।
बाद में टीम मल्लीताल पहुंची। यहां मस्जिद तिराहे, कोतवाली के पीछे और मेट्रोपोल में बनी कार पार्किंग का निरीक्षण किया। होटल व्यवसायी आलोक साह, कुमाऊं विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो.जीएल साह ने भी पार्किंग को लेकर कई सुझाव दिए।
निरीक्षण के बाद टीम ने डीएम दीपेंद्र चौधरी और एसएसपी जन्मेजय खंडूरी से फिर वार्ता की। इस दौरान संयुक्त मजिस्ट्रेट वंदना सिंह, एएसपी हरीश चंद्र सती, आरटीओ राजीव मेहरा, एआरटीओ गुरविंदर सिंह, उप निदेशक पर्यटन जेसी बेरी, नगर पालिका के ईओ रोहिताश शर्मा, जेई डीएस मेहरा मौजूद आदि थे।