हल्द्वानी। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लॉक डाउन की सबसे अधिक मार गरीब मजदूर और दिहाड़ी पर मजदूरी करने वालों पर पड़ी है। गरीब मजदूर और मिस्त्री से अगर किसी मकान मालिक ने लॉकडाउन अवधि में मकान किराया मांगा या फिर खाली करने को दबाव बनाया तो ऐसे मकान मालिकों के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाएगा।
डीएम सविन बंसल ने कहा कि मिस्त्री, दिहाड़ी मजदूर या फड़ लगाकर अपने परिवार का पालन पोषण करने वाले जो लोग किराए पर रहते हैं, उनसे लॉकडाउन अवधि में कोई मकान मालिक किराए के लिए दबाव नहीं डालेगा। यदि कहीं कोई मकान मालिक किसी मजदूर को मकान किराए के लिए परेशान करता है तो पीड़ित व्यक्ति टोल फ्री नंबरों पर अपनी शिकायत कर सकते हैं। शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि काफी संख्या में पीजी में छात्र छात्राएं रहते हैं और उनमें रहने वाले विद्यार्थियों को भोजन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी पीजी संचालक की होती है। लॉकडाउन के दौरान जो छात्र अपने घर नहीं जा सके हैं, उन्हें भोजन पीजी संचालक को कराना होगा। साथ ही किराये के लिए भी किसी तरह का दबाव नहीं बनाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि पीजी संचालक ने छात्र छात्राओं को परेशान किया तो विद्यार्थी टोल फ्री नंबरों 1077 एवं 05942-231179 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई होगी।