सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने और राशन की कालाबाजारी को रोकने की मंशा से राशन के गोदामों को ऑनलाइन करने की योजना पर बिजली व्यवस्था ने रोड़ा लगा दिया है। योजना को गति देने के लिए माह भर पहले विभाग को लैपटॉप मिले, लेकिन पहाड़ों के गोदामों में अब तक बिजली कनेक्शन ही नहीं है।
खाद्य पूर्ति विभाग की ओर से दिसंबर से राशन के गोदामों को ऑनलाइन करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है, इसके लिए जनवरी में विभाग को लैपटॉप भी मिले, लेकिन कुछ गोदामों में बिजली का कनेक्शन न होने से ऑनलाइन करने की प्रक्रिया बाधित हो गई। वर्तमान में विभाग के पास आठ राशन के गोदाम हैं, इसमें से दो मैदानी और छह पहाड़ों के विभिन्न क्षेत्रों में हैं। पहाड़ों के किसी भी गोदाम में बिजली का कनेक्शन नहीं है, इससे गोदामों को ऑनलाइन करने का काम समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है। गोदामों को ऑनलाइन करने के पीछे वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाना और राशन की कालाबाजारी को रोकना है। जिला पूर्ति अधिकारी तेजबल सिंह का कहना है, पहाड़ों में कनेक्शन न होने से काम रुका है, कनेक्शन लेने के लिए बिजली विभाग में सभी औपचारिकता पूरी कर ली है। सप्ताह भर में कनेक्शन मिलने की उम्मीद है, इसके बाद सभी गोदामों को ऑनलाइन कर दिया जाएगा।
कार्डों के डिजिटलाइजेशन में आई तेजी
राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत बनने वाले कार्डों के डिजिटलाइजेशन में कुछ तेजी आई है। जिले में करीब दो लाख कार्डों का डिजिटलाइजेशन होना है। जिसके लिए मार्च माह तक का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन संसाधनों व स्टाफ के अभाव में काम को गति नहीं मिल रही थी। दुकानदारों द्वारा भी उपभोक्ताओं से आधार कार्ड नहीं लिये जा रहे थे जिस पर विभाग ने आधार कार्ड जमा न करने वाले उपभोक्ताओं का मार्च महीने का कोटा रोकने का निर्णय लिय। जिससे काम में कुछ तेजी आई जनवरी में जहां विभाग मात्र 104 कार्डों का ही डिजिटलाइजेशन कर पाया था वहीं फरवरी में करीब 12 हजार कार्डों का डिजिटलाइजेशन विभाग द्वारा कर लिया गया है।