ओखलकांडा ब्लॉक के खनस्यू क्षेत्र निवासी पांचवीं कक्षा के छात्र की समय पर इलाज न मिलने के कारण मौत हो गई। क्षेत्र के लोगों ने घटना के लिए स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदार ठहराया है।
गलनी ग्रामसभा के तोक सिमलिया निवासी त्रिलोचन सनवाल (10) पुत्र ललित सनवाल गांव के आदर्श प्राथमिक विद्यालय में पांचवीं कक्षा का छात्र था। ग्रामीणों के मुताबिक त्रिलोचन को बृहस्पतिवार सुबह तेज बुखार की शिकायत पर परिजन उसे खनस्यू स्थित पीएचसी ले गए, लेकिन वहां स्टाफ न होने के कारण उसका इलाज नहीं हो सका।
बाद में परिजन त्रिलोचन को खनस्यू से लगभग 16 किमी दूर ओखलकांडा स्थित पीएचसी ले गए। परिजनों के मुताबिक पीएचसी ओखलकांडा में उसे इंजेक्शन लगाने के बाद लगभग 60 किमी दूर पदमपुरी स्थित संयुक्त चिकित्सालय के लिए रैफर कर दिया गया।
परिजन धानाचूली से उसे आपातकालीन वाहन 108 में पदमपुरी स्थित अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। त्रिलोचन परिवार में तीन बहन और दो भाइयों में सबसे छोटा था। उसके पिता काश्तकारी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। छात्र की मौत के बाद से उसके परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
कांग्रेस के प्रदेश संगठन मंत्री राम सिंह कैड़ा और सामाजिक कार्यकर्ता मोहन पलड़िया ने छात्र की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इस घटना के लिए स्वास्थ्य महकमे को जिम्मेदार ठहराया है।
कहा यदि विभागीय उच्चाधिकारियों द्वारा दूरस्थ क्षेत्र खनस्यू और ओखलकांडा में डॉक्टर और संसाधन उपलब्ध कराए होते तो छात्र की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने जिला प्रशासन से ओखलकांडा ब्लॉक की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार कराने और पर्याप्त चिकित्सकों की तैनाती की मांग की है।
आपातकालीन वाहन 108 से सिमलिया खनस्यू निवासी त्रिलोचन को बृहस्पतिवार साढ़े तीन बजे (ब्रॉट डेड स्थिति में) यहां लाया गया। उस वक्त ड्यूटी पर तैनात डॉ. भूमिका ने 108 वाहन में उसे देखा और मृत घोषित कर दिया। बाद में छात्र के परिजन उसका शव ले गए।
-डॉ. हिमांशु कांडपाल, प्रभारी चिकित्साधिकारी संयुक्त चिकित्सालय, पदमपुरी (नैनीताल)