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गड़बड़ी की जांच न हुई तो कोर्ट जाऊंगा : मोहित

Sun, 09 Oct 2016 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो नैनीताल
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ABVP
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एबीवीपी से डीएसबी परिसर के छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के प्रत्याशी रहे मोहित रौतेला ने आरोप लगाया है कि अध्यक्ष पद पर एनएसयूआई प्रत्याशी को जीत दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने सरकार के दबाव में काम किया।
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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से लेकर विधायक तक ने सत्ता का दुरुपयोग कर छात्रसंघ चुनाव को विधानसभा का चुनाव बना दिया। मोहित ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वह न्यायालय की शरण लेंगे। उन्होंने इस संबंध में तल्लीताल थाने में प्रार्थना पत्र भी दिया है।


एबीवीपी प्रत्याशी मोहित ने शनिवार को नैनीताल क्लब में पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि उन्हें चुनाव हराने के लिए कांग्रेसी नेताओं ने चुनाव कमेटी तक को दबाव में ले लिया। यही कारण रहा कि इस चुनाव में ड्यूटी पर लगाए गए पांच भाजपा समर्थक शिक्षकों को ड्यूटी से हटाकर कांग्रेस समर्थक शिक्षकों को ड्यूटी पर लगा दिया गया।
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रौतेला का कहना था कि यह छात्रसंघ चुनाव था और इसमें विधायक सरिता आर्या और डीएम दीपक रावत का कैंपस में आने का कोई औचित्य नहीं बनता। इसके बाद भी दोनों आधी रात तक परिसर में बने रहे और अपने दबाव में मनमाफिक काउंटिंग कराते रहे।

वार्ता के दौरान एबीवीपी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य निखिल बिष्ट, नगर अध्यक्ष मोहित साह, दयाकिशन पोखरिया, दीपक मेलकानी, पंकज कपिल आदि थे।

पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष और उपाध्यक्ष परिषद से निष्कासित

एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने यहां बैठक कर छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी प्रत्याशी के खिलाफ भितरघात करने वालों को आड़े हाथों लिया। परिषद के नगर प्रमुख मोहित रौतेला ने भितरघात के आरोप में पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष पंकज भट्ट और छात्रसंघ उपाध्यक्ष मदन मोहन अधिकारी को परिषद से निष्कासित कर उनकी प्राथमिक सदस्यता रद्द कर दी है।
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तय किया गया कि भितरघात करने वाले अन्य लोगों को भी चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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