वीरपुर लच्छी प्रकरण सुलझने के बजाय उलझता जा रहा है। एक तरफ जहां आंदोलनकारी प्रभात ध्यानी और पत्रकार मुनीश के समर्थक आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद हमले के लिए स्टोन क्रशर स्वामी सोहन सिंह ढिल्लन और उनके पुत्र डीपी सिंह को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं। वहीं स्टोन क्रशर स्वामी मोहन सिंह ठिल्लन ने मामले पर निष्पक्ष कार्रवाई न होने पर परिवार समेत आत्मदाह की धमकी दी है।
31 मार्च को राज्य आंदोलनकारी प्रभात ध्यानी और मुनीश पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए स्टोन क्रशर स्वामी सोहन सिंह ढिल्लन ने मामले की जांच दूसरे जिलों की पुलिस से कराए जाने की मांग करते हुए डीआईजी कुमाऊं को पत्र भेजा है। उन्होंने खुद पर हमले की आशंका जताते हुए निष्पक्ष कार्रवाई न होने की सूरत में परिवार समेत सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी दी है। पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कर्ज लेकर उन्होंने 2006 में स्टोन क्रशर का संचालन शुरू किया। शुरुआत में सब ठीक रहा, लेकिन बाद बाद में कुछ असामाजिक तत्वों ने ग्रामीणों को बरगला कर रास्ते का विवाद पैदा कर दिया।
वर्ष 2013 में गांव में हुई आगजनी व मारपीट की घटनाओं में भी उन्हें व उनके पुत्रों को झूठा नामजद कराया गया था। उनके प्रार्थना पत्र पर तत्कालीन डीआईजी ने जब पूरे मामले की जांच दूसरे जिले की पुलिस से कराई तो वह और उनके पुत्र झूठे नामजद होना पाए गए। बाद में एडीजे प्रथम न्यायालय हल्द्वानी ने उन्हें दोषमुक्त किया। विवादित रास्ते को लगभग 50 वर्ष से अधिक पुराना बताते हुए उन्होंने कहा कि इस रास्ते के निर्माण पर पीडब्ल्यूडी भी लगभग 60 लाख रुपए खर्च कर चुकी है। इस मार्ग पर पिछले 15 दिन से वाहनों का आवागमन ठप है। इसके चलते क्रशर से जुड़े सैकड़ों मजदूरों और डंपर स्वामियों के समक्ष जहां रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। वहीं सरकार को भी प्रतिदिन लाखों के राजस्व की हानि हो रही है।