सुशीला तिवारी अस्पताल की बदहाल व्यवस्था कोई नई बात नहीं है। एसटीएच में दो मरीजों को मेडिसिन विभाग में बिना एसी के रखा गया। मरीजों के तीमारदारों ने जिलाधिकारी से शिकायत की। जिलाधिकारी ने प्राचार्य और एमएस को जमकर फोन पर लताड़ा। जिलाधिकारी दीपक रावत की लताड़ के बाद एसटीएच प्रशासन हरकत में आया। प्राचार्य ने मौके पर पहुंचकर आईसीयू में दो पंखे लगवाए।
सुशीला तिवारी अस्पताल के मेडिसिन आईसीयू के वार्ड बी में आरडी खिमवाल हृदय रोग से पीड़ित होने के कारण और सुरेश कापड़ी को लीवर की समस्या के कारण भर्ती हैं। कापड़ी को शनिवार को और खिमवाल को आज भर्ती कराया गया था। बुधवार की शाम मेडिसिन आईसीयू का एसी फेल हो गया। एसी फेल होने के कारण आईसीयू में भर्ती मरीज विलख रहे थे। सुरेश कापड़ी के पिता चंद्रशेखर कापड़ी और आरडी खिमवाल के भतीजे चंद्रशेखर खिमवाल ने जिलाधिकारी दीपक रावत को फोन कर समस्या बताई।
जिलाधिकारी ने एमएस डा. एके पांडे को फोन किया। एमएस डा. पांडे की हीलाहवाली पर डीएम ने प्राचार्य डा. सीएमएस रावत को फोन किया। डीएम ने दोनों अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। डीएम की सख्ती पर प्राचार्य डा. सीएमएस रावत आनन-फानन मौके पर पहुंचे और आईसीयू में दो स्टैंडिंग पंखे लगाकर काम चलवाया। आप स्वयं सोच सकते हैं कि बदहाल एसटीएच में आईसीयू में मरीजों को कैसे रखा जाता है और यहां का प्रशासन मरीजों के प्रति कितना संवेदनशील है।
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सर इतना तो चलता है
हल्द्वानी। जिलाधिकारी दीपक रावत ने जब एसटीएच के मेडिसिन विभाग के आईसीयू में एसी फेल होने पर फोन किया तो एमएस डा. एके पांडे ने डीएम से कहा कि सर इतना तो चलता है। एसी का सिस्टम पुराना हो चुका है और वित्तीय अधिकार मेरे पास नहीं हैं। डीएम ने जब पूछा कि वित्तीय अधिकार किसके पास है तो एमएस ने बताया कि प्राचार्य के पास। एमएस से डीएम को भ्रमित करने का प्रयास किया और कहा कि पावर कारपोरेशन की ओर से वोल्टेज की समस्या है। डीएम ने तत्काल ग्रामीण क्षेत्र के अधिशासी अभियंता विद्युत अमित आनंद को फोन किया। अमित आनंद ने डीएम से दावा कि पावर कारपोरेशन की ओर से वोल्टेज की कोई समस्या नहीं है। इस पर जिलाधिकारी ने एमएस को आडे़ हाथों लिया और प्राचार्य को तत्काल व्यवस्था कराने के निर्देश दिए।
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कोट
मेरे पास मरीजों के तीमारदारों ने अज्ञात नंबर से फोन किया था। उन्होंने बताया कि एसटीएच के मेडिसिन आईसीयू में एसी नहीं चल रहे हैं और मरीज विलख रहे हैं। एसटीएच के प्राचार्य को व्यवस्था ठीक करने के निर्देश दिए गए, जबकि एमएस ने मामले को हल्के में लेकर निपटाने का प्रयास किया।
- दीपक रावत, डीएम नैनीताल।
कोट
मुझे जिलाधिकारी ने फोन कर एसी न चलने की बात कही थी। मैंने ऐसा नहीं कहा कि सर इतना तो चलता है। पुरानी बिल्डिंग में एसी का सिस्टम पुराना हो गया है। शाम को तीन से चार घंटे की वोल्टेज की समस्या रहती है। एक करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है और स्वीकृत मिल गई है। सर्वो कंपनी को काम करना है।
डा. एके पांडे, एमएस, एसटीएच
कोट
मरीजों की परेशानी को लेकर जिलाधिकारी का फोन मेरे पास आया था। पुरानी बिल्डिंग में एसी का प्लांट पुराना हो चुका है। इसको बदलने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। आईसीयू में दो स्टैंडिंग फैन (पंखे) मरीजों के लिए लगाए गए।
डा. सीएमएस रावत, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कालेज