चोरगलिया क्षेत्र के मछली वन में सिंचाई विभाग द्वारा बनाये जा रहे ट्रंच बियर का काम शुरू कराने के बाद एकाएक रोक दिया गया। चोरगलिया की सिंचाई व्यवस्था को सुचारु बनाने और क्षेत्र की जमीन को बाढ़ से बचाने के लिए 11.34 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए। इस योजना के लिए पहले तो वन विभाग ने मौखिक रूप से अनुमति दे दी लेकिन जैसे ही सिंचाई विभाग ने काम शुरू किया उसके ठीक एक महीने बाद वन विभाग ने काम पर रोक लगा दी।
तब तक सिंचाई विभाग इस काम पर करीब 20 लाख रुपये खर्च कर चुका था। जिस जगह से चोरगलिया को पानी आता है वहां 100 मीटर लंबी खाई खोदी जा चुकी है। अगर वन विभाग सिंचाई विभाग को ट्रंच बियर बनाने की अनुमति नहीं देता है तो इस बरसात में खाई की वजह से नंधौर नदी से चोरगलिया को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पायेगा। वन विभाग द्वारा लगाई गई रोक क्षेत्र के लोगों के गले नहीं उतर रही है। वर्षों से विचाराधीन ट्रंच बियर योजना आने के बाद उसका निर्माण नहीं किए जाने से जनता में आक्रोश है। सिंचाई विभाग के सूत्रों के मुताबिक ट्रंच बियर बन जाए तो क्षेत्र में बरसात में कच्चा बंधा बनाने की समस्या से मुक्ति मिलेगी।
इसके साथ ही नंधौर नदी से जो इस समय 40 प्रतिशत पानी सिंचाई के लिए मिल रहा है वह बढ़कर 80 प्रतिशत हो जायेगा। शासन द्वारा प्रतिवर्ष कच्चा बंधा बनाने में खर्च होने वाले करीब 7-8 लाख रुपये की भी बचत होगी।
मछली वन क्षेत्र बनने वाले ट्रंच बियर क्षेत्र की एक महत्वाकांक्षी योजना है। वन विभाग अकारण रोक लगा रहा है। बिट्रिश कालीन सर्वे ऑफ इंडिया 1913 के नक्शे के अनुसार मछली वन तथा नहरें सिंचाई विभाग के अधिकार क्षेत्र में हैं। वन विभाग की सिंचाई नहरें वनों से होकर गुजरती हैं। जिससे वन विभाग के वन्य जीव लाभान्वित होंगे। शासन से अनुमति लेने की प्रक्रिया चल रही है।
- डीसी सिंह, मुख्य अभियंता उत्तर कुमाऊं ।
ट्रंच बियर बनाने संबंधी कार्य की जानकारी मुझे नहीं है। एक महीने में काम क्यों बंद कर दिया गया इस संबंध में वन क्षेत्राधिकारी या उप वन क्षेत्राधिकारी से मालूम करें।
- चंद्रशेखर सनवाल, डीएफओ हल्द्वानी।
ट्रंच बियर हमारी प्राथमिकता है। क्षेत्र को सूखे से बचाने के लिए ट्रंच बियर की मांग वर्षों से की जा रही थी जो अब पुरी हुई है। लेकिन वन विभाग ने अड़ंगा लगा दिया। इसके लिए समिति महामहिम राज्यपाल के पास जायेगी।
- भूवन पोखरिया संरक्षक ट्रंच बियर निर्माण समिति
क्षेत्र के किसानों ने इस वर्ष पानी नहीं मिलने की आशंका से धान की फसल न लगाने का मन बनाया है। वह ट्रंच बियर के लिए आरपार की लड़ाई लडे़ंगे।
- विनोद चौसाली किसान
वर्षों से गुहार लगाने बाद इस वर्ष शासन द्वारा ट्रंच बियर के लिए धनराशि आई लेकिन वन विभाग ने उस पर अड़ंगा लगा दिया। जबकि नंधौर अभ्यारण्य के लिए लोगों ने समर्थन किया तब विभाग ने कहा था कि लोगों के हितों के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। धनराशी आयी परन्तु जिस वन विभाग का ग्रामीणों ने नन्धौर सैंचुरी के लिए समर्थन किया। तब कहा गया था कि क्षेत्र के लोगो के हितो से खिलवाड नही होगा। वे अपनी बातो से मुकर रहे है। नन्धौर सैैचुरी हेतु आर पार की लडाई लडी जायेगी।
- जीवन चौसाली पूर्व प्रधान और किसान।