विकास खंड कार्यालय का पुराना भवन 2015 के समापन के साथ ही इतिहास बन गया और भवन में रखी चार क्विंटल की तिजोरी अब बाहर निकल आई है। 1957 में बने भवन के 58 साल के सफर में यह तिजोरी भी भागीदार बनी। जिला परिषद होने के समय से इस तिजोरी ने शिक्षा, पशुपालन, अल्प सिंचाई, हार्टिकल्चर और ब्लाक के हजारों कर्मचारियों के वेतन की सालों हिफाजत की।
दहाई के अंकों के वेतन से लेकर हजारों के वेतन को संभाला। सिक्के के रुपये में बदलने की गवाह भी यह तिजोरी बनी। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के समय दावेदारों के टिकट राशि भी इसी तिजोरी में रखी जाती थी। डबल लॉक की तिजोरी की एक चाबीं इसके कैशियर के पास और दूसरी खंड विकास अधिकारी के पास रहती थी।
मार्च माह में चाबियां सील होती थी और ट्रेजरी को वेतन का हिसाब देने के बाद पुन: चाबियां मिलती थी। वेतन के बैंक में आने और कार्यालय में नगद धनराशि का प्रयोग नहीं होने के बाद अब तिजोरी शो पीस बन गयी है।
ब्लाक कार्यालय के नये भवन में शिफ्ट होने के बाद पुराने भवन को तोड़ा जा रहा है। 1957 में लोहरियासाल तल्ला निवासी स्व. दान सिंह कार्की द्वारा दान में दी गयी 19 बीघा जमीन पर इस भवन का निर्माण किया गया था।
21 बीडीओ और दस से अधिक ब्लाक प्रमुखों के कार्यकाल का गवाह बनने के साथ ही इस भवन ने कई विभागों को संचालित किया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार भवन टूटने के बाद इसकी खाली जमीन से स्थान का अभाव दूर हो जायेगा। विभाग के बड़े आयोजन यहां पर हो सकेंगे।